आराजी लाइन विकास खण्ड के ग्राम पंचायत कचनार पंचकोशी परिक्रमा मार्ग राजातालाब में तीस फिट का होलिका बना आकर्षण का केन्द्र ग्रामीण कलाकार मिलकर बनाते है होलिका
शुभम् शर्मा
*वाराणसी/-आराजी लाइन विकास खण्ड के ग्राम पंचायत कचनार पंचकोशी परिक्रमा मार्ग पर बीते लगभग पच्चीस से तीस वर्षो से गाँव के जनसहयोग व ग्रामीण कलाकारों के द्वारा भव्य होलिका बनाया जाता है,जो इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।हिंदू धर्म में दीवाली के बाद होली का त्योहार सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है।पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा को प्रदोष काल में होलिका दहन होता है।उसके अगले दिन यानि चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को होली खेली जाती है।इस बार होली 25 मार्च को है और 24 मार्च को होलिका दहन किया जायेगा जो सभी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत कचनार में लगभग पच्चीस से तीस वर्षों से भव्य होलिका बनाने का कार्य किया जाता है,यह होलिका लगभग तीस फिट की होती है और होलिका बनाने में एक माह का समय भी लगता है होलिका दहन के एक माह पूर्व से ग्रामीण कलाकार मिलकर भव्य होलिका का निर्माण करते है।निर्माण व सहयोग करने वालो में मुख्य रुप से क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमोद कुमार चौहान,भाई राम,मुन्ना लाल,राजू,सूरज,रिक्की,चंदन,सोनू पटेल,एमपी ठेकेदार,पवन चौहान,बुल्लू सहित अन्य ग्रामीणों के सहयोग से होलिका का निर्माण व होलिका दहन कार्यक्रम सम्पन्न किया जाता है।