वाराणसी। कार्य में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता में एक सचिव को जहां पदच्युत कर दिया गया है। वहीं, दो के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई से सचिवों में अफरा-तफरी का माहौल है।
बताया जाता है कि चिरईगांव ब्लॉक के उकथी ग्राम पंचायत में राज्य वित्त/15वां वित्त एवं एसएलडब्ल्यूएम योजना के अंतर्गत बिना वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति कराये ही कार्यों के नाम पर भारी अनियनितता करते हुए 457202 रुपये को धनराशि गबन के आरोप में ग्राम पंचायत की सचिव/ग्राम विकास अधिकारी गुंजन सिंह को मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी ने निलबित कर दिया है। जबकि पिंडरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत करखियांव में प्राप्त
सख्ती
कार्य में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता में की गयी कार्रवाई
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शिकायत पर जिला समाज कल्याग अधिकारी ने जांच की।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी/सचिव रामानंद यादव को ग्राम पंचायत के अभिलेख जांच के लिए प्रस्तुत करने का निर्देश कई बार दिया, लेकिन सचिव ने अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया। जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश पर भी सचिव ने अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया।
अभिलेख उपलब्ध न कराने पर माना गया कि ग्राम पंचायत में भारी अनियनितता की गयी है। जिला पंचायत राज अधिकारी की संस्तुति पर जिला विकास अधिकारी ने सचिव रामानंद यादव को निलंबित कर लिया। दूसरी तरफ बड़ागांव विकास व
खंड के ग्राम पंचायत दांदपुर में प एसएलडब्ल्यूएम योजना के तहत बिना कार्य कराए ही 14 लाख रुपये व की धनराशि व्ययपहरित कर ली गई है। इतना ही नहीं बिना हैडपम्प रिबोर व एवं हैंडपम्प मरम्मत का कार्य कराए ही भारी अनियमितता करते हुए ह धनराशि व्ययपहरित की गई है। ग्राम पंचायत दांदूपुर में गबन की गई कुल धनराशि की आधी रकम 1081724 रुपये के गबन के आरोपों में ग्राम व पंचायत अधिकारी/सचिव सुरेंद्र प्रसाद को जिला पंचायत राज अधिकारी ने पदच्युत कर दिया। साथ ही पदच्युत सचिव से 1081724 रुपये की वसूली आदेश भी जारी कर दिया है।