दसवें योग दिवस पर स्वस्थ्य हृदय और योग विषयक वेबिनार एवं सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
भारत सेवा ट्रस्ट एवं विद्याआश्रम एजुकेशनल एंड डेवलपमेंटल हब वाराणसी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दसवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के क्रम में ‘स्वस्थ्य हृदय और योग’ विषयक बेबिनार और सम्मान समारोह में
मुख्यअतिथि डॉ. प्रशांत मिश्र ने बताया कि योग दर्शन विलक्षण है,योगिक जीवन अपनाने से मानव का हृदय स्वस्थ्य बना रहेगा,जिसके माध्यम से शारीरिक,मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभ होता है जिससे समाज में वसुधैव कुटुंबकम् की भावना का विकास होता है।
अतिथि वक्ता प्रशिक्षक बॉबी खान ने बताया कि अष्टांग योग के माध्यम से जीवन एवं शरीर के रोगों को दूर करने में मदद मिलती है,हृदय संबंधित बीमारियों में वीरभद्र आसन,उत्कटासन लाभकारी है ।एवं अन्य वक्ता श्रीमती दीपा श्रीवास्तव ने हृदय संबंधित रोगों के लिए सेतुबंध आसन,उष्ट्रासन एवं अनुलोम विलोम प्राणायाम की विवेचना करते हुए बताया कि इन सब योगिक क्रियाओं के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक लाभ प्राप्त होता है।
प्रोग्राम के आयोजन अध्यक्ष डॉ सौरभ उपाध्याय ने बताया कि हृद रोगों में प्रभावी आसन और प्राणायाम के माध्यम से हम अपने शरीर की ऊर्जा को बढ़ा सकते है तथा रक्त संचार,ह्रदय की गति को संतुलित करने के लिए विभिन्न प्रकार के आसन जैसे वक्रासन,मंडूकासन,पवन मुक्तासन इत्यादि का प्रयोग लाभदायक है।
आयोजन में बॉबी खान एवं दीपा श्रीवास्तव को योग के क्षेत्र में योगदान हेतु योग गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया।
बेबीनार में मुख्य रूप से डॉ वेद कुमार मिश्रा, डॉ ऐश्वर्य,सुप्रिया सिंह, डॉ देवेश कुडियाल एवं छात्र छात्राओं के साथ साथ योगप्रेमी भी उपस्थित रहे।