वाराणसी-कृषकों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने, कालाबाजारी रोकने तथा उर्वरक गुणवत्ता बनाये रखने, बिक्री केन्द्र पर उपलब्ध स्टाक एवं पीओएस मशीन में प्रदर्शित स्टाक का सत्यापन करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को जनपद में जबरदस्त छापेमारी की गयी। छापेमारी के दौरान नामित उर्वरक निरीक्षकों के द्वारा कुल 45 उर्वरक बिक्री केन्द्रों की जांच करते हुए गुणवत्ता परीक्षण हेतु 15 उर्वरक के नमूने लिये गये। साथ ही 5 उर्वरक बिक्री केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी की गयी।
टीम में शामिल जिला कृषि अधिकारी संगम मौर्या ने बताया कि निरीक्षण के दौरान लिये गये 15 उर्वरक नमूनों को जांच हेतु प्रयोगशाला में भेजा जायेगा।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान एग्रीक्लिनिक एण्ड एग्रीबिजनेस सेंटर-रमईपुर बन्द पाये जाने एवं मौर्या बीज घर-पिण्डरा बाजार, कृषि उर्वरक केन्द्र-फुलपुर, पटेल इन्टरप्राइजेज-रोहनियां पर उर्वरकों का रख रखाव एवं रेटबोर्ड अद्यतन न होने एवं साधन सहकारी समिति-लेडुवाई पर पीओएस मशीन व गोदाम में उपलब्ध स्टाक में भिन्नता पाते जाने के साथ ही रेट बोर्ड अद्यतन न होने के फलस्वरूप उपरोक्त सभी 5 केद्र संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि अवैध रूप से व्यापार तथा उर्वरकों की कालाबाजारी करने वाले बिक्रेताओं के विरूद्ध यह अभियान निरंतर चलता रहेगा। उन्होंने जनपद के निजी व संस्थागत उर्वरक बिक्रेताओं को निर्देशित किया कि किसानों को उनकी जोत/फसल के अनुसार पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक उपलब्ध करायें।
जिलाधिकारी के आदेश पर छापेमारी हेतु गठित टीम में जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी वृजेश कुमार विश्वकर्मा,जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी,भूमि संरक्षण अधिकारी अशोक कुमार यादव, परियोजना अधिकारी-नेडा,वरिष्ठ प्राविधिक सहायक रोहित कुमार सिंह,वरिष्ठ सहायक अनिल कुमार सिंह उपस्थित रहे।