सोनभद्र का शिवद्वार धाम अतिशय गुलजार है श्रीअभिषेकात्मक महायज्ञ सँग वृंदावन से पधारी किशोरी साक्षी जी के श्रीराम कथा प्रवचन से
सोनभद्र ,
यज्ञआयोजन के आज तीसरे दिन आरती पूजन से शुरू कथा में पार्वती के अलौकिक आख्यान प्रस्तुत कर भक्तप्राण श्रोतासमुदाय को विह्वलता से आच्छादित कर दिया। उनको हुई आकाशवाणी से देदीप्यमान करने के साथ ही किशोरी जी ने सती के देह त्याग वृत्तांत बताये मन्च से। बाँकेविहारी देवदूतों व देवगणों को नमन करते हुए भूलोक पर आने की देवताओं की प्रबलता के साथ पदार्पण करने का विषय उठा कर धरती की महत्ता बताई।कहा कि स्वर्ग प्राप्ति की पिपासा तो प्राणी में बनी रहती है परन्तु इसके लिए धर्म करना अनिवार्य है और मनुष्यों के साथ सद्कर्म इसमे अहम है। इसी संदर्भ की व्याख्यायित करते हुए कहा कि “सीयराम मैं सब जग जानी, करहुँ प्रणाम जोरि जुगपाणी। इसके साथ ही जीवन बगिया आपने उपकार साँवरे से कृष्ण स्तुति भी की।
संगीतमय कथा में वाद्ययंत्र वादकों के दल का सराहनीय रहा वादन जिसमें सुनील पाठक, राजेश शास्त्री वृन्दावन, आशीष पाण्डे,सर्वेश सिंह,धनञ्जय शाह रहे तो उपस्थित श्रोत्रि समुदाय में विजयानन्द मिश्र, उदित नारायणपाठक,डॉ.परमेश्वर पुष्कर, देवचरन यादव,ठाकुरप्रसाद दुबे, नंदकुमार, राघवेन्द्र सिंह, लक्ष्मणसिंह,वैकुण्ठनाथ शुक्ल के साथ ही मंचस्थ महिला व प्रशाल में बहुतायत में महिलाएं मौजूद रहकर भक्तिभाव से रासाप्लावित होती आनन्द को सुखद अनुभूति करता रहा अंततक जनसम्मार्द।