- वाराणसी। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल को अक्रयक्षता में जनपद के समस्त ग्राम प्रधानों की एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधानों से निक्षय भित्र बनने एवं अपने ग्राम पंचायत के ट्यूचाक्लोसिस के मरीजों को मानसिक सम्बत प्रदान करने हेतु अनुरोध किया।
उन्हों ने यह भी कहा कि स्वस्थ ग्राम परिकल्पना हेतु यह आवश्यक है कि यदि ग्राम प्रधान अपने ग्राम पंचायत के टीवी के मरीजों की जांच, उपचार
में रुचि लेंगे तो हम टीवी मुक्त पंचायत का लक्ष्य जल्द ही पूरा कर पाएंगे। मुख्य विकास अधिकसी ने इस वर्ष के लिए टीबी मुक्त ग्राम पंचायत हेतु
अभी से कार्य योजना बनाकर कार्य करने के लिए निर्देशित किया। कार्यशाला में जिला क्षय रोग अधिकारी डा. पियूष राप ने पीपोटों के माध्यम से
ट्यूबरक्लोसिस के कारण, उपचार तथा बचाव पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला एवं ग्राम प्रधानों से आवाहन किया गया कि वह अपने क्षेत्र की आता एवं एएनएम से ट्यूबरक्लोसिस के बारे में ग्राम पंचायत से संबंधित प्रगति का विवरण लेते रहें तथा ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली मीटिंग में टोची से संबंधित चर्चा अवश्य करें। जिससे समुदाय के लोगों को जागरुक किया जा सके।
उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति को टीबों के तथाण प्रतीत होते हैं तो उन्हें मात्र अपने निकटतम आयुमान आरोग्य मंदिर में जाकर अपना सैंपल देना है। इसके बाद यदि उसमें टीबी की बीमारी पाई जाती है तो अग्रिम कार्यवाही जनपद के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से की जाती है। इस दौरान बैठक में डीपीआरओ आदर्श, एडीपीआर ओ राकेश यादव के साथ विभित्र गावों के ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।