*वाराणसी चिरईगांव* मौसम परिवर्तन का कुप्रभाव का असर कब किस रुप में दिखेगाअब सुनिश्चित नहीं रहा।गुरुवार को दोपहर में तेज हवा संग हुयी बरसात से गेंहूँ की तैयार फसल की कटाई मड़ाई दोनों बाधित हो गयी।बेमौसम हुयी बरसात किसानों के लिए आफत बन गयी।बारिश संग ओले गिरने से अन्य फसलों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा।बेमौसम बरसात से किसानों को काफी आर्थिक नुकसान भी पहुंचा है।
मोकलपुर ढाब के किसान तासीलदार सिंह (दादा) का कहना है कि खेती के लिए मौसमी परिवर्तन नुकसानदायक साबित हो गया है।गेंहूँ की तैयार फसल की किसान कटाई कर मड़ाई करने में जुटे थे।दोपहर में तेज हवा संग हुयी बरसात ने किसानों के मेहनत पर पानी फेर दिया।मजदूरों की समस्या से जूझ रहे किसानी अब दुरुह होती जा रही है।
नेवादा के किसान साधू सिंह का कहना है कि अभी गेंहूँ की फसल काटकर बोझा बांधा जा रहा था।उसके बाद मड़ाई होती है।लेकिन आज हुयी बारिश से दोनों कार्य बाधित हो गया।गौराकलॉ के किसान राजनाथ का कहना है कि तेज हवा से खेतों में काटकर रखी गयी गेंहूँ के लेहना तितर बितर हो गये।उसके बाद हुयी बरसात से कटाई मड़ाई दोनों कार्य बंद हो गया।बेमौसम बरसात तेज हवा से सर्वाधिक गेंहूँ की कटाई मड़ाई का कार्य बाधित तो हुआ ही उसके साथ तेज हवा से आम के पेड़ो में लगे टीकोरे भी गिर गये हैं।बरसात संग ओले गिरने से सब्जी प्याज, लहसुन आदि की फसल भी प्रभावित होने से किसान चिंतित हैं।