वाराणसी। खरीफ सीजन की तैयारी के तहत जनपद के सभी राजकीय बीज विक्रय केंद्रों पर धान की विभिन्न उन्नत प्रजातियों के बीज उपलब्ध करा दिए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने जानकारी दी कि किसानों को समय से धान की नर्सरी डालने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए बीज भंडारों पर उपयुक्त मात्रा में बीज भेजे जा चुके हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपलब्ध धान की प्रमुख प्रजातियों में एचयूआर-917 (परिपक्वता अवधि 140-145 दिन, उत्पादन क्षमता 55-60 कुंतल प्रति हेक्टेयर), सियाट-1 (120-125 दिन, 38-40 कुं./हे.), सियाट-4 (130-135 दिन, 55-58 कुं./हे.) तथा आरएनआर-15048 (135-140 दिन, 55-60 कुं./हे.) शामिल हैं। इन प्रजातियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी अच्छी बताई जा रही है।
विशेष रूप से आरएनआर-15048, जिसे ‘तेलंगाना सोना’ के नाम से भी जाना जाता है, मधुमेह रोगियों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इसका चावल कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के कारण वजन घटाने में भी सहायक है।
धान के बीज का वितरण पीओएस मशीन के माध्यम से बायोमैट्रिक प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। बीज का विक्रय मूल्य 4480 रुपये से 6138 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है, जिस पर सरकार की ओर से 50% अनुदान भी दिया जा रहा है। किसान सिर्फ अनुदान कटौती के बाद की राशि का भुगतान कर बीज प्राप्त कर सकते हैं।
कृषकों से अपील की गई है कि वे अपने आधार कार्ड के साथ स्वयं विकास खण्ड के राजकीय कृषि बीज भण्डार पर जाकर उच्च गुणवत्ता का बीज प्राप्त करें और समय से खेती की तैयारी करें।