“आजमगढ़ ज़िले के तरवां गाँव में प्रतिष्ठित माँ काली मंदिर में एक भव्य पूजन एवं भंडारे का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया।”
“इस धार्मिक आयोजन की अगुवाई श्री राकेश सिंह द्वारा की गई, जो गांव के प्रमुख समाजसेवी माने जाते हैं। 1 जून से ही पूजा-अर्चना और मंदिर की भव्य सजावट की शुरुआत कर दी गई थी। 2 जून को ग्रामवासियों और श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।”
श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हुए, कन्याओं को भोजन कराते हुए]
“माँ काली के श्रृंगार और पूजन में गांव की महिलाओं और बेटियों ने भी विशेष भागीदारी निभाई। श्रद्धालुओं ने माता रानी का आशीर्वाद लिया और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।”
इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रेमकांत सिंह, अमरकांत सिंह, रोहित सिंह, विनीत सिंह, आकाश बिनय सिंह और श्रीमती सरोज सिंह सहित सिंह परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे।”
गांव में ऐसे धार्मिक आयोजन सामाजिक एकता और आस्था का प्रतीक हैं। माँ काली का यह भंडारा, आस्था के साथ-साथ गांव के सांस्कृतिक जीवन को भी समृद्ध करता है।”
यूपी18 न्यूज लाईव से सरफराज खान की रिपोर्ट