बाढ़ के बीच वसूली करने पहुंचे जना बैंक कर्मी, पत्रकार से की अभद्रता
वाराणसी मोकलपुर ढाब – 4 अगस्त 2025:
जहां एक ओर बाढ़ से जूझ रहे लोग अपने परिवार और ज़िंदगी बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर जना स्मॉल फाइनेंस बैंक के कर्मचारी मोकलपुर ढाब जैसे बाढ़-ग्रस्त गांवों में ऋण वसूली के लिए पहुँच रहे हैं।
गुरुवार को ऐसी ही एक घटना उस समय सामने आई जब बैंक के वरिष्ठ अधिकारी अमित मिश्रा और कर्मचारी रामबालक मोकलपुर ढाब गांव में पहुंचे और बाढ़ से पीड़ित एक ग्रामीण राजेंद्र कुमार से वसूली को लेकर कड़ी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
मामला तब और गंभीर हो गया जब एक स्थानीय पत्रकार ने घटना को कवर करने की कोशिश की और बैंक कर्मियों से सवाल किए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ऋण वसूली क्यों की जा रही है, जबकि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की गाइडलाइंस स्पष्ट रूप से आपदा के समय वसूली पर रोक लगाने की बात करती हैं।
जवाब में वरिष्ठ अधिकारी अमित मिश्रा ने पत्रकार से अभद्र भाषा में बातचीत की और सवाल किया, “तुम कौन होते हो हमसे बात करने वाले? तुम्हें किसने यह हक़ दिया?”। पत्रकार द्वारा शांतिपूर्वक अपनी बात रखने के बावजूद, उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पूरा क्षेत्र बाढ़ से डूबा हुआ है, लोगों के घर, अनाज, मवेशी सब कुछ बह गए हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की ऋण वसूली अमानवीय और गैर-कानूनी है।
इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों और पत्रकार संगठनों में रोष है। लोगों ने बैंक कर्मचारियों के व्यवहार की निंदा करते हुए जिला प्रशासन और आरबीआई से तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है।
जनता की मांगें:
संबंधित बैंक कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वसूली पर रोक लगाई जाए।
पत्रकार की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा की जाए।
RBI गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो।
यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो इससे न सिर्फ पीड़ितों की तकलीफें बढ़ेंगी बल्कि पत्रकारिता और लोकतांत्रिक संवाद पर भी आघात पहुंचेगा।