Thursday, February 26, 2026

वाराणसी: चिरईगाँव की मुस्तफाबाद ग्राम सभा में ‘धरातल’ पर उतरा विकास, मनरेगा मजदूर से प्रधान बनी महिला की हर तरफ चर्चा

वाराणसी: चिरईगाँव की मुस्तफाबाद ग्राम सभा में ‘धरातल’ पर उतरा विकास, मनरेगा मजदूर से प्रधान बनी महिला की हर तरफ चर्चा

चिरईगाँव, वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के चिरईगाँव ब्लॉक अंतर्गत आने वाली मुस्तफाबाद ग्राम सभा इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यहाँ विकास की गति और जनप्रतिनिधियों के प्रति जनता का अटूट विश्वास एक नई मिसाल पेश कर रहा है।

मनरेगा मजदूर के हाथों में गाँव की कमान

मुस्तफाबाद की वर्तमान ग्राम प्रधान शीला देवी का सफर बेहद प्रेरणादायक है। बरसों तक मनरेगा में एक मजदूर के रूप में पसीना बहाने वाली महिला आज खुद उसी गाँव की प्रधान बनकर नेतृत्व कर रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधान प्रतिनिधि पारस और शीला देवी के सामूहिक व अथक प्रयासों ने गाँव की तस्वीर बदल दी है।

पंचायत भवन: आधुनिकता और गुणवत्ता का संगम

गाँव के भाजपा नेता एवं समाजसेवी आनंद सिंह ने विकास कार्यों का निरीक्षण करने के बाद बताया कि पंचायत भवन का निर्माण अत्यंत आधुनिक और सुव्यवस्थित तरीके से कराया गया है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर विकास कार्य केवल कागजों पर सिमट कर रह जाते हैं, लेकिन मुस्तफाबाद में यह धरातल पर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे रहा है।

101% जीत का दावा: विरोधियों के पास कोई विकल्प नहीं

गाँव के विकास को देखकर स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस ईमानदारी से काम हुआ है, उसे देखते हुए यदि चुनाव फिर से होते हैं, तो शीला देवी को 101% जीत मिलना तय है। जनता का मानना है कि वर्तमान नेतृत्व के सामने कोई भी खड़ा होने के लायक नहीं है, क्योंकि उनकी कार्यक्षमता कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर दिखती है।

खबर के मुख्य बिंदु:

सफलता की कहानी: पूर्व मनरेगा श्रमिक शीला देवी का शानदार नेतृत्व।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: चिरईगाँव ब्लॉक में मॉडल के रूप में उभरता पंचायत भवन।

जन-समर्थन: पारस (प्रधान प्रतिनिधि) के प्रति ग्रामीणों का अटूट विश्वास।

वाराणसी का गौरव: मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के ‘अंत्योदय’ सपने को सच करती ग्राम सभा।

escort bayan sakarya escort bayan eskişehir