Thursday, February 26, 2026

चिरईगांव PHC में अव्यवस्थाओं का अंबार: महिला आयोग की उपाध्यक्ष के औचक निरीक्षण में खुली पोल

चिरईगांव (वाराणसी): राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने शनिवार को चिरईगांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का औचक निरीक्षण किया। लगभग 35 मिनट तक चले इस औचक निरीक्षण ने अस्पताल प्रशासन के दावों और वहां की जमीनी हकीकत के अंतर को उजागर कर दिया। उपाध्यक्ष ने अस्पताल में गंदगी, मरीजों की सुविधाओं में कटौती और कर्मचारियों की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।

प्रसूताओं को नहीं मिल रहा पौष्टिक आहार

निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष सबसे पहले प्रसूता कक्ष पहुंचीं। वहां भर्ती महिलाओं से जब सुविधाओं के बारे में पूछा गया, तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। प्रसूताओं ने बताया कि उन्हें नाश्ते में केवल पूड़ी-सब्जी दी गई थी, जबकि सरकार द्वारा निर्धारित दूध और फल उन्हें नहीं मिले। दोपहर तक भोजन भी उपलब्ध नहीं हो सका था। जब उपाध्यक्ष ने इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा से सवाल किया, तो उन्होंने टेंडर का हवाला देते हुए जिम्मेदारी जिले पर डाल दी। इसके अलावा, मरीजों के बेड पर बिछी चादरें भी गंदी पाई गईं, जिस पर उपाध्यक्ष ने प्रभारी को कार्यशैली सुधारने की सख्त चेतावनी दी।

बदहाल शौचालय और एक्सपायरी दवाओं का खतरा

स्वास्थ्य केंद्र के प्रसव कक्ष में स्थिति और भी खराब मिली। वहां शौचालय का दरवाजा टूटा हुआ था और साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं था। दवा वितरण कक्ष की जांच करते समय उपाध्यक्ष ने फार्मासिस्ट अशोक कुमार को निर्देशित किया कि जिन दवाओं की एक्सपायरी अवधि एक महीने से कम बची है, उन्हें तुरंत स्टॉक से हटा दिया जाए ताकि किसी मरीज के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो।

रजिस्टर में गायब मिले हस्ताक्षर

प्रशासनिक खामियों की जांच करते हुए उपाध्यक्ष ने उपस्थिति और आरबीएसके (RBSK) रजिस्टर खंगाला। आरबीएसके रजिस्टर में कई दिनों से कर्मचारियों के आने-जाने का समय और हस्ताक्षर दर्ज नहीं थे। अनुशासनहीनता की इस स्थिति पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। इससे पहले उन्होंने ओपीडी में डॉ. सुजीत कुमार मौर्य से मरीजों के आंकड़ों की जानकारी ली और आधुनिक पैथोलॉजी लैब का भी जायजा लिया।

अधिकारियों की उपस्थिति

निरीक्षण के दौरान परिवार नियोजन काउंसलर रुचि चौरसिया, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. मानसी गुप्ता, सहायक शोध अधिकारी कर्णिका सिंह और कमलसेन सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। उपाध्यक्ष ने अंत में स्पष्ट किया कि सरकारी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द ही दोबारा निरीक्षण कर सुधारों की समीक्षा की जाएगी।

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