जिले में हो रहे अवैध खनन/अवैध परिवहन का जिम्मेदार कौन-आशु
0लगातार लंबे समय से हो रहा अवैध खनन
0जिले में खुले आम अवैध परिवहन का भी चल रहा खेल
0सड़कों बगैर नंबर प्लेट की आए दिन सैकड़ों गाड़ियां फर्राटा दौड़ रही
0 टोल प्लाजा पर ही खनन बैरियर से निकल रही बगैर नंबर प्लेट की गाड़ियां
0परिवहन विभाग , खनिज विभाग व कलेक्ट्रेट के सामने से खुलेआम निकलती है हज़ारो गाड़ियां
सोनभद्र,
जिले में अवैध खनन का मामला कोई नया नहीं है कई बार समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से इन चीजों को दिखाया /दर्शाया भी गया है। लेकिन अवैध खनन एवं अवैध परिवहन का गोरखधंधा जिले में खुलेआम चल रहा है जो विभाग के सामने से ही होकर सारी गाड़ियां निकल रही हैं, हम सब यह भली-भांति जानते हैं कि सोनभद्र जनपद पूरे प्रदेश के अंदर खनन में राजस्व देने वाला दूसरा जिला है और परिवहन कि हम बात करें तो हजारों की संख्या में टिपर,ट्रैक्टर,ट्रक हाइवा के माध्यम से गिट्टी, बालू ,भसी, मिट्टी,कोयला की धुलाई रोजाना हजारों वाहन सड़कों पर दौरा करते हैं, आए दिन जिले में अवैध खनन वह अवैध परिवहन का मामला सामने आता रहता है ।जहां परिवहन विभाग के सामने से गाड़ियां खुलेआम बिना नंबर प्लेट की निकल रही हैं वहीं टोल प्लाजा पर की लगे खनन बैरियर के सामने से ही गिट्टी ,बालू, बस्सी ,कोयला की ट्रक भी निकलती हैं । अगर उन गाड़ियों पर बगैर परमिट के सामग्री है तो इसका जिम्मेदार कौन है इसकी जांच होना अत्यंत आवश्यक है ।सोनभद्र युवा कांग्रेस के पूर्व- जिला अध्यक्ष आशुतोष कुमार दुबे(आशु) ने कहा कि इस विषय पर अगर संबंधित विभाग कड़ी कार्यवाही नहीं करते तो इसको लेकर उस में लिप्त कर्मियों के साथ ही अधिकारियों का घेराव करने का काम हम करेंगे, मनमाना तरीके से राजस्व का नुकसान हम लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे ।जहां एक और महंगाई चरम सीमा पर है स्थानीय लोगों को भी खनन सामग्री, चाहे वह गिट्टी, बालू हो उस पर उनको छूट नहीं मिल रही है वह भी पूरा पूरा पैसा देकर ही सामग्री प्राप्त कर पाते हैं लेकिन उससे संबंधित दंश, चाहे वह प्रदूषण हो चाहे वह आए दिन होने वाले एक्सीडेंट/ दुर्घटना हो उसको यहां आम जनमानस ही झेल रहा है ।इसको हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसको लेकर जल्दी संबंधी भाग के अधिकारियों से मिलने का काम करेंगे ।आशू दुबे ने कहा कि इस मामले पर पहले भी हम लोगों ने बात उठाई थी और संबंधित अधिकारियों को कहा था लेकिन अधिकारियों /कर्मचारियों की शिथिलता कहीं ना कहीं से प्रश्नवाचक चिन्ह दर्शाती है 1 हफ्ते के अंदर अगर इस पर रोकथाम नहीं हुआ तो हम इस पर आवाज उठाएंगे, विभाग का घेराव भी करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी ।
TTM news से चंद्र मोहन शुक्ला की रिपोर्ट