जाति है कि जाती नहीं-
इंडिया टीवी ने अपने सर्वे में नाम के बाद एक व्यक्ति से बेशर्मी के साथ उसकी जाति पूछी…..
इसे क्या कहा जाय जब एक पत्रकार ग्राउंड रिपोर्ट लेने हेतु जब क्षेत्र में जा रहा है तो किसी व्यक्ति के नाम से उसे तब तक संतुष्टि नहीं मिल पा रही है जब तक वह जाति नहीं जान जा रहा है।
2022 विधानसभा सर्वे हेतु इंडिया टीवी ने मऊ में एक नौजवान से उसका नाम पूछा,जब उस नौजवान ने अपना नाम शैलेश बताया तो वह इससे संतुष्ट न हो उसकी जाति पूछ बैठा।जब शैलेश ने अपनी जाति कोइरी बता मुद्दों को उठाना शुरू किया तो वह उसके पास से माइक हटा लिया।
शैलेश कुशवाहा द्वारा जब इस बात पर आपत्ति जताई गई कि मीडिया के लोग जाति व धर्म मे समाज बांटने पर आमादा है तो एक व्यक्ति जाति पूछने को मुनासिब बताते हुये अपनी जाति सवर्ण और सवर्ण में सबसे उच्च बताया जो वायरल वीडियो में दिख रहा है।
गजब के हम सामाजिक इंतजाम में जी रहे यें जहां मुद्दा महत्वपूर्ण नहीं है,महत्वपूर्ण जाति है क्योंकि जाति है कि जाती नहीं।
-चन्द्रभूषण सिंह यादव
प्रधान संपादक-“यादव शक्ति”
(24 जनवरी 2022)