कैसे हो बाल विकास
घोरावल/सोनभद्र
कैसे हो बाल विकास विषय पर नई पीढ़ी व बाल विकास परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को दोपहर 12.30 बजे ज़ूम एप के माध्यम से परिचर्चा किया जाएगा। जिसमें मुख्य वक्ता सुश्री कमलेश गुप्ता व वक्ता, श्री मती नगमा बेगम, हरिओम बाजपेई, राम साहब यादव, धर्मेंद्र सिंह, साजिद अंसारी, होंगे। कार्यक्रम संयोजक शिवेंद्र प्रकाश द्विवेदी संपादक नई पीढ़ी व अरूण कुमार पाण्डेय अध्यक्ष प्रांतीय बाल विकास परियोजना कल्याण संघ उत्तर प्रदेश है।
बचपन के शुरूआती क्षण महत्त्वपूर्ण होते हैं – और उनका असर जीवन भर रहता है। शिशु के मस्तिष्क का विकास गर्भावस्था के समय ही शुरू हो जाता है, और गर्भवती माता के स्वास्थ्य, खान-पान, और वातावरण का उस पर प्रभाव पड़ता है। जन्म के बाद, शिशु का मस्तिष्क तेज़ी से विकसित होता है, और उसका शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक स्वास्थ्य, सीखने की क्षमता, वयस्क होने पर उसकी सफलता को भी प्रभावित करता है।
सबसे शुरूआती वर्ष (0 से 6 वर्ष) बच्चे के विकास के सबसे असाधारण वर्ष होते हैं। जीवन में सब कुछ सीखने की क्षमता इन्ही वर्षों पर निर्भर करती है। इस नींव को ठीक से तैयार करने के कई फायदे हैं।
इन्हीं सब बातों को देखते हुए “नई पीढ़ी” ने “प्रांतीय बाल विकास परियोजना अधिकारी कल्याण संघ उत्तर प्रदेश” के सहयोग से कई चरणों में इस ई परिचर्चा का आयोजन करने का निश्चय किया है।
उम्मीद है राष्ट्र व समाज हित में एक सशक्त नई पीढ़ी विकसित करने के इस अभियान में आप सभी का सहयोग प्राप्त होगा ।
आइए, अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए इस ई- परिचर्चा से जुड़ें, और विशेषज्ञों के विचारों का लाभ उठाएं!
Up 18 news report by Chandra Mohan Shukla