राष्ट्रवादी मित्रों ने देखा द कश्मीर फाइल
चन्दौली ब्यूरो/पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के आईपी मुगल मॉल में अपने संगठन के पदाधिकारियों एवं सैकड़ों राष्ट्रवादी मित्रों के साथ *द कश्मीर फाइल* मूवी को देखने का अवसर प्राप्त हुआ, बीते वर्षों में कश्मीर के क्या हालात रहे होंगे उस समय की कश्मीरी हिंदुओं पर हुए अत्याचार तत्कालीनक केंद्र की कांग्रेस सरकार जम्मू कश्मीर की अब्दुल्ला सरकार की उदासीनता के कारण लाखों लोगों का कत्लेआम हुआ और माताओं बहनों की अस्मिता लूटी गई उनके घर जला दिए गए उन्हें अपना घर मकान शहर छोड़कर शरणार्थी कैंपों में अपने ही देश के अंदर वर्षों से शरणार्थी बनकर रहना पड़ रहा है जहां एक तरफ देश के राजनीतिक दल रोहिंग्या के लिए सहानुभूति रखते हैं मगर अपने ही देश के कश्मीरी पंडितों हिंदुओं के लिए इनकी मन में कोई भाव नहीं है निश्चित तौर पर द कश्मीर फाइल मूवी नहीं बल्कि एक संदेश है उस समय की परिस्थितियों की क्यों जरूरत पड़ी अनुक्षेद 370 हटाने की इस फिल्म में जिस तरह से उस समय के हालात को प्रदर्शित किया गया है दर्शक देख कर भावुक हो जा रहे हैं, दहाड़ मार कर रोने लग रहे हैं, इससे तो लग रहा है कश्मीर में अभी कुछ और भी करना बाकी है। फिल्म नही सन्देश है एक बार जरुर देखें।
चन्दौली से संजय शर्मा की रिपोर्ट