वाराणसी। चिराइगांव।सुख, शांति और संतान सुख की कामना के साथ सूर्योपासना
इसके पूर्व ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक गीतों के बीच व्रती महिलाएं और सिर पर पूजन सामग्री से भरी सूप व दौरी लिए पुरुष घाटों पर पहुंचे। गुरुवार की सुबह से ही व्रती महिलाएं छठ पूजन की तैयारियों के बीच निर्जल व्रत रहीं. अपराह्न में उन्होंने गंगा घाटों का रुख किया। छेत्र के मोकलपुर गोबरहा रामचन्दीपुर मुस्तफाबाद मार्कण्डेय महादेव घाट कैथी., सरसौल घाट के साथ धौरहरा स्थित गोमती नदी के तट पर पहुंची। आस्थावानों ने यहां पर अपनी-अपनी छठ वेदियों पर दीप प्रज्ज्वलित कर प्रसाद सामग्री चढ़ाई और कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि में भगवान भास्कर के अस्ताचलगामी होने का इंतजार किया। शाम को अस्ताचल होते ही सूर्यदेव को पानी में खड़े होकर पूरे भक्ति भाव से अर्घ्य दिया। इस मौके पर गंगा घाट व पोखरे पर भोजपुरी गीतों से गुंजायमान रहे। वही बच्चों ने जमकर आतिशबाजी भी की