जीवन में अगर शांति होगी तब ही सच्चा सुख मिलेगा_अखिलानंद जी
चन्दौली ब्यूरो/ डीडीयू नगर,श्री राम कथा महामहोत्सव ख्यालगढ़ लौंदा चन्दौली में पंचम दिवस की कथा में अखिलानंद जी महाराज ने राम जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जीवन में अगर शांति होगी तब ही सच्चा सुख मिलेगा। जिसके जीवन में अशांति हैं उसे सुख कैसे मिलेगा जीव जब सद्गुरु की शरण में जाता है तो सद्गुरु की कृपा अनुग्रह से भगवान की प्राप्ति होती है और भगवान के पास जाये बिना शांति नहीं मिलती।जब तक भगवान में भाव नहीं जाता, भक्ति नहीं होती तब तक शांति नहीं मिलती। भगवान में भाव उत्पन्न होते ही शांति अपने आप आ जायेगी। महाराज दशरथ को चौथे पन में ग्लानि हुई तब वह सद्गुरु वशिष्ठ जी के पास जाते हैं सद्गुरु को चरण वंदन करके पुत्र की कामना करते तो गुरु ने कृपा करी धरहु धीर होइहहि सुत चारी। भगवान ने पहले ही वचन दिये है पुत्र में आऊंगा फिर भी नहीं आये चौथा पन आ गया मानों भगवान भी प्रतिक्षा कर रहे थे कि अगर महाराज सद्गुरु के पास जाये तो फिर हम अवतार ले।जब गुरु जी के आश्रम महाराज दशरथ गये तो वशिष्ठ जी सृंगी ऋषि को बुलाकर पुत्र काम शुभ यज्ञ कराते हैं और फलस्वरूप महाराज दशरथ के यहां भगवान राम रुप प्रकट होते हैं और साथ में भरत जी लक्ष्मण और सत्रुघ्न का जन्म होता है। कहने का आशय है कि भगवान की प्राप्ति भी सद्गुरु कृपा से ही होती है। महाराज दशरथ भगवान के आते ही ब्रह्मनंद में लीन हो गए। सभी अवधवासी आनंदमग्न हो जातें हैं। कथा में मुख्य रूप से दीनानाथ सिंह, परमहंस सिंह, हरिवंश सिंह, आलोक पाण्डेय, संतोष पाठक, कपिल सिंह, जोगिंदर,रामहरख यादव, वासुदेव यादव जितेंद्र पाण्डेय सहित हजारों भक्तों ने कथा श्रवण किया।
चन्दौली से संजय शर्मा की रिपोर्ट।