मातृ दिवस की पूर्व संध्या पर रूद्रा माडर्न पब्लिक स्कूल में बच्चों द्वारा बिभिन्न कार्यक्रम का किया गया आयोजन
करमा/सोनभद्र
मातृ दिवस की पूर्व संध्या पर रूद्रा माडर्न पब्लिक स्कूल में बच्चों द्वारा बिभिन्न सास्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर मातृ दिवस मनाया गया। बच्चे स्लोगन गीत गजल आदि प्रस्तुत किये। प्रधानाचार्य आलोक कुमार देव पाण्डेय ने कहा कि मां बच्चों की प्रथम पाठशाला होती है, मां की सेवा से बढ़कर कोई तीर्थ नही, मां का हमेशा सम्मान करना चाहिए। उक्त अवसर पर बिद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं एवं जिले के उभरते सितारे युवा पत्रकार चंद्र मोहन शुक्ला ने
अपने वक्तव्य ने कहा कि
जब तक माँ सिर पै रही, बेटा रहा जवान।
उठ साया जब तै गया, लगा बुढ़ापा आन॥
माँ सपने में आ मुझे, पूछे मेरा हाल।
दूजी दुनिया में गई, फिर भी मेरा ख्याल॥
मातृ दिवस को देवता तक मानते है। इस पर एक कथा सुनाते हुए युवा पत्रकार श्री शुक्ला ने कहा कि बच्चों आप को एक कथा सुना रहा हु। एक बार की बात है सभी देवता बहुत मुश्किल में थे । सभी देवता गण मिलकर भगवान शिव जी की शरण जाकर अपनी मुश्किलें सुनाई । उस समय भगवान शंकर जी के साथ भगवान गणेश और कार्तिकेय जी भी बैठे हुए थे । देवताओ की मुश्किलों को देखकर भगवान शंकर ने गणेश जी और कार्तिक से उनकी मदद मांगने के उद्देश्य से एक प्रतियोगिता करवाई। भगवान शंकर ने कहा जो सबसे पहले पृथ्वी की परिक्रमा करेगा वही देवताओ की मुश्किलों को दूर करेगा।
कार्तिकेय जी तो अपना वाहन लेकर निकल गए पृथ्वी की परिक्रमा करने , गणेश जी बड़े सोच विचार के बाद आए और उन्होंने अपने पिता शिव जी और माता पार्वती के पास गए और उनकी सात परिक्रमा करने लगे। उनसे उनकी माँ पार्वती जी ने पूछा कि पुत्र तुमने ऐसा क्यों किया, तब गणेश जी ने कहा कि माता-पिता में ही पूरा संसार होता है। तो मैं पृथ्वी की परिक्रमा क्यों करूं, मेरा तो पूरा संसार ही मेरे माता पिता के चरणो में है ।इस प्रकार जब देवता ने अपने माता पिता को इतना महत्व दिया हैं। तो हम आम इंसानों को भी अपने माता पिता के चरणों में ही स्वर्ग समझना चाहिए। अर्थात हम सभी के लिए माता-पिता पूजनीय हैं। इस अवसर पर विद्यालय के सभी अध्यापक अध्यापिका एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
Up18 NEWS report by Anand Prakash Tiwari