वैदिक मंत्रोचार के साथ श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं के परिक्रमा के साथ पूजन हुआ संपन्न
करमा (सोनभद्र)
विकासखंड करमा के शंकर धाम आश्रम करन वाह में चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओ ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के बाद मन्नते मांगी। महा यज्ञआधिष्ठाता सुग्रीवानंद जी महाराज अपने प्रवचन के दौरान कहा कि मनु ने संसार की श्रृष्टि यज्ञ करने के लिए किया था। यज्ञ,पूजन,हवन करने से जीवन के सारे दुःख दूर हो जाते हैं। भगवान की भक्ति के लिए श्रद्धा व प्रेम की जरूरत होती है।
यज्ञ के दूसरे दिन सुबह मंडप में स्थापित देबी, देवताओ का यज्ञा चार्य व सहयोगी आचार्यो द्वारा बैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया गया। हवन आरती श्रृंगार,आदि कार्य क्रम कराया गया।यजमान डा. गोपाल सिंह वैद्य, रविंद्र बहादुर सिंह, संजय सिंह, स पत्निक, रोहित सिंह, एव्ं ब्राह्मणों द्वारा विष्णु भगवान एव्ं महालक्ष्मीं की 31000आहुती देकर हवन आरती की गयी। यज्ञाचार्य पं, दया शंकर शुक्ल एव्ं सहयोगी आचार्यो द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया गया।
Up18 NEWS report by Chandra Mohan Shukla