दायित्वों का निर्वहन न करने के आरोप में एडीओ पंचायत व सचिव किए गए निलंबित
सोनभद्र (विनोद मिश्रा/ आनंद प्रकाश तिवारी)
जिले में विकास कार्यों का निरीक्षण करने आए अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को निरीक्षण के दौरान कई खामियां व शिकायतें मिली। इसको गंभीरता से लेते हुए एडीओ पंचायत करमा रामसिरोमणि पाल व सचिव दीपक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया। इस पर जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया। तथा जेडी पंचायतीराज को एडीओ पंचातय के निलंबन के लिए निर्देशित किया गया है।
शनिवार को दोपहर बाद अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह करमा ब्लाक के सुकृत गांव में ग्रामीण आवास विकास योजना के अंतर्गत निर्मित आवास का उद्घाटन करने पहुंचे थे। गांव के कोल बस्ती में निर्मित आवास का विधि विधान पूर्वक उद्घाटन किया गया। तत्पश्चात अपर मुख्य सचिव ग्रमीणों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस पर ग्राम प्रधान व ग्रामीणों की तरफ सचिव व एडीओ पंचायत की शिकायत की,सुकृत महिला ग्राम प्रधान हीरावती देवी व ग्रामीणों ने शिकायत किया था, कि गांव में विकास कार्य कराने में दोनों अधिकारी रूचि नहीं ले रहे हैं। तथा गांव में कराए गए विकास कार्यों के भुगतान पर मनमाना तरीके से कमीशन मांगा जा रहा है।
इतना सुनते ही सचिन का पारा हाई हो गया, इस पर अपर मुख्य सचिव ने दोनों पर कार्रवाई करने का आदेश दे दिया। सचिव के आदेश के अनुपालन में जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी ने देर रात सचिव दीपक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। इसी तरह एडीओ पंचायत रामसिरोमणि पाल को निलंबित करने के हेतु संयुक्त निदेशक पंचायतीराज को निर्देशित भी किया गया है।अपर मुख्य सचिव के जिले में आने के बाद उनकी क्या गतिविधि रही है। इसको लेकर कई बार अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई थी, लेकिन किसी भी अधिकारी फोन नहीं उठाया। जिससे पत्र प्रतिनिधि को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।