Sunday, April 19, 2026
No menu items!
No menu items!

चार लाख आहुतियों के साथ बिसाल भण्डारे का हुआ आयोजन

चार लाख आहुतियों के साथ बिसाल भण्डारे का हुआ आयोजन

सोनभद्र(विनोद मिश्रा)

श्री महालक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अंतिम दिन सोमवार को सुबह से ही यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने वालों का ताता लगा रहा ।कड़ी धूप के बावजूद भी लोगों ने भगवान विष्णु एवं महालक्ष्मी की कृपा पाने के लिए मंडप स्थल पर पहुंचे और हवन कार्यक्रम में भाग लिया।

सप्तदिवसीय महायज्ञ के दौरान 2 कुंटल 50 किलो हवन सामग्री से 4लाखआहुतियों को देकर भक्तों ने महालक्ष्मी और नारायण के नामो की आहूति अग्नि देवता को अर्पित किया गया। सोमवार सुबह से ही भक्तों के आने कासिलसिला लगा रहा। विकासखंड कर्मा के करनवाह गांव मेंचल रहे श्री महालक्ष्मी नारायण यज्ञ के सातवें वअंतिम दिन समापन के अवसर पर हवनात्मक यज्ञ के बाद विशाल भंडारा के साथ यज्ञ का समापन हुआ।

अंतिम दिन सुबह से ही भक्तों ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा करना शुरू कर दिया।यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के बाद हवनात्मक यज्ञ में लोगों ने भाग लिया। लोगों का मानना है कि महालक्ष्मी एव्ं नारायण के हवन करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। क्षेत्र के टिकुरिया, तियरा,सिरविट,मदैनिया, रानीतारा ,पटेहरा ,पगिया, सिरसिया ठकुराई, धौरहरा,भरकवाह, कर्मा ,आदि गांवो से भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। रात में यज्ञ अधिष्ठाता स्वामी सुग्रीवानंद जी महाराज के द्वारा संगीत मय प्रवचन के दौरान परशुराम लक्ष्मण संवाद की कथा का मार्मिक प्रसंग सुनाया गया।

इस दौरान परशुराम जी के उतावलापन में आने पर लक्ष्मण जी ने कहा,नाथ शंभू धनु भंजनि हारा होइहै कोउ एक दास तुम्हारा। जैसे प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रोता भक्तमय हो गये। प्रवचन के दौरान सुग्रीव आनंद जी ने कहा। जीवन में सत्य मार्ग की तरफ बढ़ने से हर कार्य सरल हो जाता है उन्होंने कहा कि गुरु और भगवान के प्रति मनुष्य को संशय नहीं होना चाहिए। जब भगवान की कृपा हो जाती है तो हर कार्य सरल हो जाता है। यज्ञ की महत्ता परप्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यज्ञ करने से लोक कल्याण होता है विश्व शांति मिलती है यज्ञ एव्ं हवन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।यजमानगोपाल सिंह वैद्य, रविंद्र बहादुर सिंह, संजय सिंह, रोहित सिंह, भैया लाल सिंह, संतोष सिंह,समेत दर्जनो लोगों ने हवन किया।यज्ञाचर्य दयाशंकर शुक्ल एव्ं सहयोगी आचार्यो द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार से स्थापित देवी, देवताओ का पूजन के बाद विसर्जन कराया गया।

escort bayan sakarya escort bayan eskişehir