रियल स्टेट के नाम पर फिर धोखाधड़ी काली शंकर उपाध्याय की कलम से
वाराणसी: दिन रात नौकरी करके या व्यापार करके कतरा कतरा जोड़कर लोग जमीन खरीदते हैं या अपना मकान बनाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं वाराणसी में कुछ ऐसे जमीन व्यापारी हैं जो कि जमीन के नाम पर करते हैं गोरखधंधा उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में यूं तो प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है और विकास भी यहां पर बहुत तेज गति से हो रहा है जिस तरीके से देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी वाराणसी के विकास के लिए हमेशा अग्रसर रहते हैं वैसे ही यहां के रियल स्टेट व्यापारी किस तरीके से लोगों से धोखाधड़ी करते हैं यह किसी से छुपा नहीं है कुछ दिन पहले ही अभी नीलगिरी कंपनी ने लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखाधड़ी किया और इसके पहले ही एक और रियलिटी कंपनी जिसका नाम साइन सिटी है एक जमीन को लगातार बहुत लोगों को बेच रही थी और पैसा दोगुना करने का वादा कर रही थी ऐसे ही आज एक मामला वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के सोनिया से आया है एक प्राइवेट रियल एस्टेट की ऑफिस खोल के मार्केट से करोड़ों लेकर फरार होने के बाद नजदीकी लोगों ने सिगरा थाने पर गुहार लगाई और f.i.r. करवाने के लिए थाना अध्यक्ष के यहां अपना पत्र भी लिखा बात सिर्फ इतनी तक ही नहीं खत्म हो जाती है कतरा कतरा जोड़कर इंसान अपनी कमाई करता है धूप छांव देखता नहीं है सिर्फ इसलिए कि दो रोटी खा सके और अपना घर बना सके और अपने छत के नीचे सो सके लेकिन जिस तरीके से वाराणसी में रियल की कंपनियां लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रही हैं इस पर कहीं न कहीं वाराणसी प्रशासन को जल्द से जल्द लेना पड़ेगा और इस पर कार्रवाई करनी पड़ेगी हालांकि केंद्र और राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद धोखाधड़ी के मामलों में काफी गिरावट आई है और धोखाधड़ी करने वाले लोग सलाखों के पीछे हैं लेकिन कुछ लोग अभी भी बचे हुए हैं जिनको सलाखों के पीछे भेजना बहुत जरूरी है और जिले के प्रशासन को उनको भेजना चाहिए. सूत्रों की माने तो वाराणसी में जितने भी जमीन के नाम पर गोरखधंधा करने वाले व्यापारी रहे हैं वह वाराणसी के नहीं अपितु वाराणसी से बहुत दूर-दूर तक के लोग रहे हैं अलग राज्य के भी लोग रहे हैं और अलग जिले के भी लोग रहे.