वर्तमान समय में भारत राष्ट्र के निर्माण मेंr सुगम्य भारत की भूमिका पर देवा केंद्र के प्रांगण में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी
आयोजित की गई l जिसकी मुख्य वक्ता, गुजरात के बड़ौदा जिले में स्थित, डीम्ड यूनिवर्सिटी की अस्सिटेंट प्रोफेसर पूजा परमार थी साथ में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित दिव्यांग बंधु डॉक्टर उत्तम ओझा सदस्य केंद्रीय सलाहकार बोर्ड, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, भारत सरकार एवं डॉक्टर संजय चौरसिया, विख्यात बाल रोग विशेषज्ञ, एवं अध्यक्ष उत्तर प्रदेश दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन थेl सभा का संचालन देवा केंद्र के डायरेक्टर एवं चिकित्सा मनोवैज्ञानिक डॉक्टर तुलसी ने किया l सभा में विभिन्न संस्थाओं के स्पेशल एजुकेटर, दिव्यांगों के माता पिता, एवं विशेष शिक्षकों ने अपने अपने विचार रखे l
सभा की शुरुआत डॉक्टर तुलसी ने अपने विचारों से की जिसमें उन्होंने कहा की राष्ट्र निर्माण को तभी पूर्ण माना जा सकता है जब हम 10 करोड़ से भी ज्यादा 21 तरह के दिव्यांग जनों के लिए भी सुगम भारत की कल्पना करें और उसको मूर्त रूप दें l उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि आने वाले समय में, मेडिकल सुविधाओं के चलते, एवं मृत्यु दर कम होने के कारण दिव्यांगों की जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है और उनके लिए अगर हम दैनिक दिनचर्या की सुविधाएं, हॉस्पिटल, धार्मिक स्थलों में, वाराणसी के घाटों में, अगर हम दिव्यांग जनों के चलने फिरने लायक, या अन्य सुविधाओं के लिए अस्पताल, बैंकों में, बड़ी-बड़ी दुकानों में, रेलवे स्टेशन इत्यादि पर दिव्यांगों के चलने फिरने लायक बिल्डिंग को नहीं बनाते तो आने वाले समय में और ज्यादा एक्सीडेंट होने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी l अतः जरूरत आ पड़ी है की संपूर्ण राष्ट्र, सामाजिक कार्यकर्ता, एवं हमारे नेशनल बिल्डिंग कोड के अधिकारीगण इस विषय पर विचार कर उसको अमल में ले आए, तभी हम कर सकते हैं कि सभी का साथ और सबका विकास हो सकता है
इसके लिए हमें पूरे समाज में लोगों को जन जागरूक करने की आवश्यकता है
प्रो डॉ पूजा परमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि नेशनल बिल्डिंग कोड और उसके द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन अभी समाज हर तरीके से दिव्यांग जनों के लिए नहीं कर रहा है और इसका एक कारण सरल भाषा में चीजों को न समझ पाना डॉक्टर पूजा ने पुस्तिका के निर्माण की बात की जो सरल हो सुलभ हो और सभी उसका अनुपालन कर सकें
दिव्यांग बंधु डॉ उत्तम ओझा ने सुगम्य भारत की बात करते हुए अपना वक्तव्य दिया की पूरे देश में इसकी चर्चा एवं जन चेतना जागृत करने की आवश्यकता है उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि संपूर्ण भारत वर्ष में 101 जगहों पर पल्स कैपेबिलिटी सुगम्य
भारत की तस्वीर को जनसाधारण एवं अन्य लोगों के बीच में विचार रखे जाएं l उन्होंने यह भी कहा कि जब दिव्यांग केदारनाथ की यात्रा कर लेगा तो हम मान लेंगे की सुगम्य भारत
का निर्माण हो गया
डॉक्टर संजय चौरसिया ने कहा कि जरूरी है लोगों में डॉक्टरों में जनचेतना जागृत करना
सभा के अंत में श्री श्याम लाल जी, सचिव देवा इंटरनेशनल सोसायटी फॉर चाइल्ड केयर, वाराणसी ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित कियl