योग एक शारीरिक,मानसिक व आध्यात्मिक अभ्यास है-रीना सिंह
_योग की उत्पत्ति भारत में हुयी थी_
_योग हमारे शरीर का मन से मिलाप कराता है_
*रवीश पाण्डेय*
राष्ट्रीय जनसंघ सेवक मंच महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्षा व आयरन लेडी,भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री रीना सिंह ने आज एक प्रेस वार्ता के दौरान संवाददाता रवीश पाण्डेय से बात- चीत करते हुए योग के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जून 2015 से मनाया जा रहा है।
योग एक प्राचीन समय से चला आ रहा शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है, जिसकी शुरुआत (उत्पत्ति) भारत में हुई थी। ‘योग’ शब्द संस्कृत भाषा से निकला है। योग हमारे शरीर का मन से मिलाप कराता है और यह शब्द इसी का प्रतीक है। योग खासतौर पर इंद्रियों को नियंत्रित करता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून (21 June) को दिन मनाया जाता है, जो दुनिया भर के कई हिस्सों में सबसे बड़ा दिन भी माना जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ का विचार पहली बार प्रस्तावित किया गया था। इसके बाद, संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत अशोक कुमार मुखर्जी द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ पर एक मसौदा पेश किया गया। मसौदे को 177 देशों से समर्थन मिला, जो किसी भी यूएनजीए प्रस्ताव के लिए सह-प्रायोजकों की सबसे ज्यादा संख्या है। इस प्रक्रिया के बाद, संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया था।
संयुक्त राज्य अमेरिका के 100 से भी ज्यादा शहरों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ‘योगाथॉन’ का आयोजन होता है। लोग अपने अधिकार क्षेत्र में घोषणा करके और सभी को योगाथॉन में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हिंदू स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित वार्षिक कार्यक्रम 27 राज्यों में 350 अलग-अलग जगहों पर आयोजित किया गया था। इसमें मेयर, सीनेटर और राज्य के राज्यपालों सहित 58 निर्वाचित अधिकारियों ने भी भाग लिया था।
भारत ने बनाए 2 वर्ल्ड रिकॉर्ड
भारत में पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस राजपथ पर पीएम मोदी के साथ 84 देशों के गणमान्य व्यक्तियों के साथ मनाया गया था। जिन्होंने 21 योगासन में भाग लिया और उन्हें बढ़ावा दिया। इस आयोजन ने भारत के लिए दो विश्व रिकॉर्ड बनाये। पहला – दुनिया की सबसे बड़ी योग कक्षा होने के लिए जिसमें 35,985 लोग शामिल थे। दूसरा – 84 राष्ट्रीयताओं के लोगों की भागीदारी होने के लिए।
कोविड-19 से बचने के लिए सकारात्मक रहना और इम्यूनिटी बढ़ाना, दोनों ही बेहद जरूरी हैं। इसलिए संयुक्त राष्ट्र की ऑफिशियल वेबसाइट द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2021 का थीम रखा गया था ‘मानव तंदुरुस्ती और कल्याण के लिए योग’।
संयुक्त राष्ट्र द्वराा किसी भी प्रस्ताव पर सोच-विचार और दुनिया भर की राय लेने के बावजूद, उसे लागू करने में काफी समय लगता है। लेकिन 2014 में पहली बार था जब योग दिवस के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी भी देश द्वारा 90 दिनों से कम समय में पहल का प्रस्ताव और कार्यान्वयन किया गया। यह संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतिहास में भी पहली बार हुआ। इतना ही नहीं, 1893 में, स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में विश्व धर्म संसद में अपने संबोधन में पश्चिमी देशों को भी योग का परिचय दिया था।