आठवेंअंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बहुअरा केन्द्र पर योगा फॉर हूमनिटी के तहत कराया गया योग-
👉 करें योग, रहें निरोग –
रावर्ट्सगंज (सोनभद्र)
अष्टम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एवं ,आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत *”योगा फॉर हूमनिटी “* थीम के अनुसार क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी जनपद सोनभद्र डॉ मिलन सिंह के नेतृत्व में योग वेलनेस सेटंर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बहुअरा के समस्त कर्मचारी गण शिक्षकगण ,एवं उपस्थित जनमानस को योग प्रोटोकाल के अनुसार आसन कराया गया। योग प्रशिक्षकों के अनुसार योग कार्यक्रम में प्रतिभागियों की कुल संख्या -915 रही जिसमे पुरुष 425, महिला 375 ,बच्चे 115 बच्चे शामिल हुए।
इस अवसर पर वक्ताओं द्वारा योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि “योग” संस्कृत शब्द “युज” से उत्पन हुआ है जिसका अर्थ “जोड़ना” है। योग हमारे शरीर, मन और आत्मा के बीच संयम स्थापित करता है, जिससे हमारी सुप्त शक्तियां जाग्रत होने लगती है। जैसे-जैसे हम योग करते जाते है वैसे वैसे हमारे तन मन, शरीर और आत्मा का संपर्क मजबूत होता जाता है। और हमारा जीवन सरल व सकारात्मक होता जाता है। योग केवल रोगों को दूर करने की प्रक्रिया नहीं है। बल्कि योग का आशय शरीर के समस्त रोगों को दूर कर,मन मस्तिष्क को तनाव मुक्त कर, मन को पवित्र बनाना है। शरीर का मन पर और मन का शरीर पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए योग ही एकमात्र ऐसी सम्पूर्ण पद्धति है जो मनुष्य को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली बनाता है ।
जीवन की समस्याओं में हम उलझे रहते है। जिसके कारण धीरे धीरे हमारा स्वंय पर नियन्त्रण नहीं रहता, लेकिन योग एक ऐसा साधन है जिससे हमारा मन और शरीर पर सम्पूर्ण नियंत्रण होने लगता है।और सबसे बड़ी बात यह है कि “योग” मनुष्य को आत्म संतुष्टि प्रदान करता है। अगर जीवन को जीने का सर्वोतम तरीका कोई है तो वह “योग” है । योग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसका शरीर पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता। इसके सैकड़ों फायदें है, जिसे वैज्ञानिकों और चिकित्सकों ने स्वीकार किया है। योग से हजारों लोगों के असाध्य रोगों को दूर किया जा चुका है। सबसे बड़ी बात यह भी है कि यह एक प्राकृतिक पद्धति है जो हमें प्रकृति के साथ जोडती है। इसलिए सभी लोग नियमित रूप रूप से करे योग, रहे निरोग
Up 18 news report by Anand Prakash Tiwari