रामलीला में राम जन्म के साथ ही जय श्रीराम के नारे से गुंजायमान हुआ पूरा पांडाल
करमा,सोनभद्र (सेराज अहमद )
स्थानीय थाना क्षेत्र करमा बाजार के रामलीला प्रांगण में रामजन्म की लीला दिखाई गयी। रावण के अत्याचारों से पृथ्वी कराह उठी थी, ब्याकुल दशा में देवताओं के पास पहुँची, तो उनकी भी वही दशा थी। देवता व पृथ्वी आपस में विचार कर ब्रह्मा जी के पास गये, फिर सभी भगवान शंकर के पास गये। सभी ने नारायण को याद किया, तब आकाशवाणी हुई कि दशरथ पुत्र के रूप में राम जन्म लेकर पृथ्वी का भार मिटाएंगे। इस तरह से महाराज दशरथ के चार पुत्रों का जन्म होता है। जन्म होने के साथ ही भए प्रगट कृपाला, दीन दयाला के साथ पूरा पांडाल जय श्री राम के गगनचुंबी नारों से गुंजायमान हो उठा ।मुनि बशिष्ठ के द्वारा नामकरण संस्कार किया गया।कार्यक्रम का सफल संचालन इन्द्रजीत शुक्ल ने किया।