जिला सेवायोजन अधिकारी पर कार्रवाई करने की उठी मांग।
जिलाधिकारी को ट्वीट कर उठाया उनकी कार्यशैली पर सवाल ।
सोनभद्र(विनोद मिश्र)
मानकों को ताक पर रखकर ज़िले में संचालित निजी अस्पतालों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जांच अभियान में उपजिलाधिकारी सदर द्वारा निजी चिकित्सालय रामा हास्पिटल सहित तीन अस्पतालों पर की गई कार्रवाई के लिए पूर्वांचल नव निर्माण मंच के उपाध्यक्ष ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निजी अस्पतालों के नाम पर सोनभद्र में कुछ बुचडखाने संचालित हो रहे हैं, जहां सुविधाएं नदारद हैं और दलालों के माध्यम से अस्पताल में मरीजों का आर्थिक तथा शारीरिक दोहन किये जाने के मामले बार बार सामने आते हैं।
गिरीश पाण्डेय ने जिलाधिकारी को ट्वीट कर निजी अस्पतालों पर नकेल कसने के लिए साधुवाद देते हुए एक नया सवाल खड़ा करते हुए जिला सेवायोजन अधिकारी पर भी कार्रवाई करने की मांग किया है। गिरीश पाण्डेय ने कहा कि उपजिलाधिकारी की जांच में जब रामा हास्पिटल मानकों के विपरित तथा वहां सुविधाएं नदारद हैं और योग्य डाक्टर उपलब्ध नहीं हैं तो सेवायोजन अधिकारी ने रोजगार मेले में रामा हास्पिटल को रोजगार देने के लिए कैसे आमंत्रित किया। बता दें कि 24 सितंबर को सेवायोजन कार्यालय ने रोजगार मेले का आयोजन किया था जिसमें कयी निजी अस्पताल भी रोजगार देने के लिए मेले में स्टाल लगाए हुए थे।
गिरीश पाण्डेय ने कहा कि सेवायोजन अधिकारी ने केवल कागज़ी आंकड़े बाज़ी करने के लिए बगैर जांच पड़ताल के ही फर्जी अस्पतालों तथा प्रतिष्ठानों को मेले में बुलाकर जनपद के बेरोजगार युवाओं का मज़ाक तो बनाया ही है उन्होंने सरकार को भी कागज़ी आंकड़े बाज़ी से गुमराह करने का काम किया है। गिरीश पाण्डेय ने सेवायोजन द्वारा लगाए गए रोजगार मेले में आए सभी प्रतिष्ठानों के अस्तित्व की जांच कराने की मांग भी की