भारतीय लोकतंत्र में काग्रेस के निरन्तर घटते प्रभाव पर जताई चिंता,
राजेश द्विवेदी
सोनभद्र
कांग्रेस पार्टी के कमजोर होने का मतलव वो लोग समझते हैं जो देश के प्रति वास्तव में गंभीर हैं और देश के संविधान के प्रति अपनी आस्था व श्रद्धा रखते हैं। उक्त बातें एक विशेष साक्षात्कार में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश द्विवेदी ने बुधवार को हमारे विशेष संवाददाता से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र में कांग्रेस के निरंतर घटते प्रभाव पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि देश के अति महत्वपूर्ण प्रदेश उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की मजबूती के अपने मायने हैं, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस 1989 से हाशिये पर है। कद्दावर नेता राजेश द्विवेदी ने आगे कहा कि सकारात्मक विकल्प होने के वावजूद मुलायम सिंह यादव को समर्थन देने वाले बड़े नेताओं की नादानी से तथा समर्थन देते रहने के प्रयोग से प्रदेश के जिन तमाम युवा कार्यकर्ताओं का भविष्य चौपट हो गया उसका हिसाब करने वाला कोई दूरदर्शी नेता नहीं दिख रहा। जब कि इसी विषय की तह में कांग्रेस का उज्वल भविष्य छिपा है!
विशेष संवाददाता द्वारा और अधिक कुरेदने पर श्री दिवेदी ने कहां की आज के युवा अपना भविष्य दाँव पर लगाकर देशप्रेम की भावना से संघर्ष कर रहे हैं तो कल उनके भविष्य की गारंटी लेने वाला कोई नेता क्यों नहीं सामने आ रहा है? उनका स्पष्ट तौर पर कहना है कि युवाओं के बगैर कोई नेता संगठन को सामर्थ्यवान स्वरूप प्रदान नहीं कर सकता। जबकि युवाशक्ति को जागृत करने,उसे संगठित करने तथा सकारात्मक संघर्ष करने की प्रेरणा प्रदान करने की प्रक्रिया से परे आज जो औपचारिकता या खानापूर्ति की जा रही है उसमें पार्टी हित के नाम पर स्वहित ज्यादा निहित है। कांग्रेस की घटती जा रही शाख पर गंभीर चिंतन करने वाले राजेश द्विवेदी ने कहा कि ये बात कांग्रेस के मूलधर्मियों को लगातार चिंतित किये हुये है, फिर भी बिल्ली के गले में घण्टी बांधने को कोई अनुभवी नेता तैयार नहीं है। अंत में उन्होंने कहा कि उनकी बातों पर जब तक कांग्रेस के शीर्ष नेता अमल नहीं करेंगे तब तक पार्टी अपने पुराने और सर्वोच्च मापदंड पर नहीं पहुंच पाएगी!