जीवन में स्वस्थ व मस्त रहने के लिए संगीत बहुत जरूरी-सर्वेश मिश्र
जीवन में स्वस्थ और मस्त रहने के लिए संगीत सबसे अच्छा तरीका है। संगीत के क्षेत्र में सोनभद्र जनपद भी कम नहीं है यहां के आदिवासी करमा और शैला नृत्य संगीत की चर्चा दुनिया में भी आदर के साथ की जाती है।
यह बातें भारतीय शास्त्रीय संगीत के युवा कलाकार पंडित सर्वेश कुमार मिश्र ने बुधवार को विशेष चर्चा के दौरान करते हुए बताया कि संगीत का संबंध हर जीव से है। कहा जंगल पहाड़ों से आच्छादित जनपद सोनभद्र की वादियां तो पग- पग पर संगीत के महत्व को बतलाती है। पत्तों की सरसराहट से लेकर कल- कल करते झरनों की आवाज में तो अलग ही संगीत है। इसी के लिए यह जनपद काफी अहम माना जाता है । इतना ही नहीं विश्व में जाने जाने वाला फॉसिल्स पार्क यहां के सैलानियों को अपनी ओर खींचने के लिए मजबूर कर रहा है।
पंडित सर्वेश कुमार मिश्र ने यह भी कहा कि भारतीय संगीत प्राचीन काल से ही भारत में काफी लोकप्रिय है। इसे काफी समय से सुना तथा पसंद किया जाता है। संगीत शारीरिक और मानसिक रूप से हमारे जीवन को स्वस्थ बनाए रखने में हमारी सहायता करता है। संगीत की तीनों धाराएं गायन, वादन व नृत्य न केवल स्वर ताल और लय की साधना है बल्कि एक यौगिक क्रिया है इससे शरीर मन और प्राण तीनों में शुद्धता आती है। श्री मिश्र ने कहा कि यदि संस्कृत और सभ्यता को आगे बढ़ाना तथा सुरक्षित रखना है तो संगीत की विधा को समझाना पड़ेगा।
बताते चलें कि आज शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में भी कई नई पीढ़ी के विद्यार्थी हैं। संगीत का जुड़ाव बनारस घराने से रहा है इनके पिता पंडित उमा नाथ मिश्र ठुमरी के प्रसिद्ध कलाकार हैं। इनके छोटे भाई इंद्रेश कुमार मिश्र शास्त्रीय संगीत की दुनिया में कदम रखकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। पंडित सर्वेश कुमार मिश्र की माने तो जीवन में खुश, स्वस्थ और मस्त रहने के लिए संगीत सबसे अच्छा तरीका है।
Up 18 news report by Chandra Mohan Shukla