आज़मगढ़ कतर मुशायरे से वतन वापसी पर प्रख्यात अंतर्राष्ट्रीय शायर शादाब आज़मी का स्वागत एवं सम्मान दबिस्तान ए उर्दू नियाउज की जानिब से शाल एवं मोमेंटो पेश करके किया गया और एक गोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसमें कवियों एवं शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं बीते दिनों बज़म ए सदफ इंटरनेशनल के तत्वधान में एक दिवसीय सेमिनार एवं मुशायरे का आयोजन 27 जनवरी को शहाबुद्दीन साहब ने किया जिसमें आजमगढ़ के प्रख्यात शायर शादाब आज़मी को भी निमंत्रण मिला और इन्होंने अपनी कविता और गजलों के ज़रिए कतर का पूरा मुशायरा लूट लिया प्रोग्राम का शुभारंभ नात पाक से गुफरान पैकर ने किया संचालन करते हुए नसीम साज़ ने कहा कि आजमगढ़ का एक ऐसा शायर जो बहुत तेजी से उभरा और आसमान ए अदब पर छा गया अपनी देश प्रेम की कविताओं और श्रृंगार की ग़ज़लों के माधयम से आजमगढ़ का ही नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान का नाम विदेशों में रोशन किया है शादाब आज़मी के अंदर प्राकृतिक काव्य प्रतिभा है वह अपनी शायरी के माध्यम से लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर लेते हैं यह उनकी शायरी की सबसे बड़ी खूबी है मुशायरे के बाद भी लोग उनकी शायरी को गुनगुनाते हुए फिरते हैं अपनी बात को सरल और सहज भाव में कैसे कहा जाता है यह शादाब आज़मी की शायरी का असल जोहर है इस अवसर पर प्रमोद शर्मा अनिल यादव हाफिज गुफरान पन्नालाल कंचन उर्मिला आदि उपस्थित रहे अध्यक्षता मौलवी शाबान अहमद ने व संचालन नसीम साज़ ने किया