मिर्जापुर: मझवां ब्लॉक के आदर्शग्राम सेमरी में
पूर्व ग्रामविकास अधिकारी “आशाराम भगौतीप्रसाद मिश्र” की पौत्री “साक्षी मिश्रा” ने ग्रामटॉप कर इतिहास रच दिया है। सुपुत्री का रिपोर्ट कार्ड देखकर मातापिता के साथ पूरा परिवार गदगद है।
12वी में ग्रामटॉप करने वाली छात्रा साक्षी ने बिना कोचिंग के ही सफलता हासिल की। स्कूल और घर पर ही रहकर नियमित पढ़ाई की। कड़ी मेहनत से कामयाबी हासिल करने वाली साक्षी का सपना डॉक्टर बनने का है।
महामलपुर स्थित नागेंद्र नारायण इंटर कॉलेज की छात्रा साक्षी मिश्रा ने 500 में से 432 यानी 86.3 प्रतिशत अंक हासिल किए। कामयाबी से सम्पूर्ण मिश्र परिवार में जश्न का माहौल है।
साक्षी के पिता रमाकांत आशाराम मिश्र सिएट टायर कंपनी मुम्बई में प्रोडक्शन सुपरवाइजर हैं, जबकि माता नीलम मिश्रा गृहणी हैं।
चाचा उमाकांत मिश्र राजातालाब वाराणसी में फायनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर हैं। मूलभूत रूप से परिवार आदर्शग्राम सेमरी का ही रहने वाला है। साक्षी ने कामयाबी का सारा श्रेय अपने आदर्श ग्रामविकास अधिकारी दादाजी व पूरे परिवार और शिक्षकों को दिया। होनहार बिटिया ने बिना कोचिंग के पढ़ाई करते हुए कामयाबी हासिल की है। बताया कि उसने रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई की।
पढ़ाई के दौरान एकाग्रता जरूरी है। विषय को समझने की जरूरत होती है। विषय से भटकने के बजाय उसे ध्यान लगाकर समझना चाहिए। उसने कभी किसी विषय की कोचिंग नहीं की, बल्कि सेल्फ स्टडी से कामयाबी हासिल की।
यह साक्षी मिश्रा का स्कोर कार्ड
विषय अंक
हिंदी 096
अंग्रेजी 080
भौतिकविज्ञान 077
रसायनविज्ञान 082
जीवविज्ञान 097
पहले पायदान पर रही साक्षी को भौतिकविज्ञान विषय में सिर्फ 77 अंक मिले। दादाजी का कहना है कि पौत्री के रिजल्ट से पूरी तरह संतुष्ट है। भौतिकविज्ञान में और भी अधिक अच्छे अंक आ सकते थे। बिना कोचिंग के ही पौत्री ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिसका आदर्शग्राम सेमरी के ब्राम्हण समाज के साथ पूरे मिश्र परिवार को गर्व है।