दुस्साहस, लाखों रुपए की लागत से बनने वाले सम्पर्क मार्ग को आधा अधूरा छोड़ ठेकेदार गायब।
सिरसिया बड़ी नहर से माइनर होते हुए बसवा सम्पर्क मार्ग का निर्माण अधर में, जनता परेशान
घोरावल विधायक के निर्देश बाद भी विभाग मौन।
सोनभद्र। करमा विकास खंड अंतर्गत बसवा ग्राम पंचायत का प्रस्तावित सम्पर्क मार्ग कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग द्वारा सिरसिया बड़ी नहर माइनर होते हुए बसवा निस्फ वाया सुशील मौर्य के घर तक निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया था, जो गांव के कुछ लोंगो द्वारा विवादित स्थिति पैदा कर लगभग 300 मीटर का कार्य रोक दिया गया है। कार्य करने वाले मजदूरो तथा जेसीबी को कार्य करने से भगा दिया जा रहा है,जिसकी शिकायत ग्रामीण सुशील कुमार मौर्य द्वारा करमा थाने पर की गयी।जहाँ दोनो पक्षो द्वारा सुलह समझौता कर कार्य मे कोई बाधक नहीं बनेगा का लिखित समझौता पत्र दे दिया।परन्तु बसवा गांव के कुछ लोंगो द्वारा पुनः कार्य करने गयी मशीन और मुंसी मेठ को भगा दिया गया। इस बाबत क्षेत्रीय उप निरीक्षक रुपेश सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था अथवा ठीकेदार द्वारा कोई शिकायती पत्र नहीं दिया गया है।वही जब ठीकेदार से बात की गयी तो उन्होंने अपना नाम नहीं छापने की सर्प पर
बोले कि हमें विभाग द्वारा जबरजस्ती कार्य दिया गया था,विवादित स्थिति के करण मैं कार्य छोड़ कर हट गया हुं। विभागीय अवर अभियंता ने कहा कि इस बाबत मै कोई वर्जन नहीं दे सकता,उक्त के सम्बन्ध मे अधिशाषी अभियंता अथवा उच्चाधिकारी ही कुछ बता सकते है। इस संवंध मे जब अधिशासी अभियंता से बात करने का प्रयास किया गया तो उक्त कार्य स्थल का नाम सुनते ही उन्होंने अपना फोन यह कहकर कट कर दिया कि मैं मीटिंग में हूं।एक माह से उक्त मार्ग का निर्माण कार्य बंद होने के बाद भी विभागीय कार्यवाही नहीं किया जाना स्वयं मे संदिग्ध अबूझ पहेली बना हुआ है।उक्त कार्य को गांव के दो चार लोगो द्वारा अनायास रोक दिये जाने के बाद विभाग का मौन बना रहना ग्रामीणों के समझ से परे है।उक्त सम्पर्क मार्ग के निर्माण कार्य के शिलापट्ट पर निर्माण कार्य रा. स. नि. 5054 योजनांतर्गत दो किलो मीटर लागत 112.49 लाख का शिलान्यास उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के द्वारा सांसद पकौड़ी लाल कोल तथा घोरावल विधायक डा अनिल मौर्य की उपस्थिति मे 24 जून 2021 को किया गया अंकित है।बसवा निवासी सुशील मौर्य ने बताया कि कार्य रोकने वाले दयाशंकर,रमेश,नन्दलाल,भरत लाल,के विवाद करने पर लेखपाल से नापी भी कराई जा चुकी है, जिसका लेखपाल द्वारा सिमांकन भी कर दिया गया है।इतना ही नहीं उक्त के सम्बन्ध मे विधायक डा अनिल कुमार मौर्य द्वारा जे इ को तत्काल कार्य पूर्ण करने के लिए कहा गया था, परन्तु कार्यदायी संस्था द्वारा अब तक कोई पहल नही की गयी।ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव के दो चार लोंगो द्वारा अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए सरकारी कार्य को रोका जाना कदापि उचित नहीं है। इससे विकास कार्य प्रभावित होगा। सूत्रों की माने तो कार्यदायी संस्था प्रस्तावित मार्ग के निर्माण मे स्थल परिवर्तन कर कार्य मे हेर फेर किया गया है, जिसपर पर्दा डालने के लिए विभाग मौन बना हुआ है,कोई भी जिम्मेदार अधिकारी जबाब देने से अपना पल्ला झाड़ रहा है। शुशिल कुमार मौर्य ने कहा कि जहाँ एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार गांव गांव सड़को का निर्माण कराकर ग्रामीणों को सुविधा पहुंचा रही है, वही दूसरी तरफ सम्बन्धित विभाग द्वारा कार्यो को अधर मे लटकाया जा रहा है।सरकारी योजनाओं को लंबित रखकर सरकार की छवि को धूमिल किया जा रहा है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उक्त सम्पर्क मार्ग की निष्पक्ष जाँच कराने तथा प्रस्तावित मार्ग को पूर्ण कराने की मांग की है।