वाराणसी : वाराणसी या यू पहले की काशी काशी धर्म की नगरी आस्था की नगरी और बाबा विश्वनाथ की नगरी भी कहीं जाती लेकिन बाबा विश्वनाथ की नगरी से कुछ ऐसे भी महान लोग पैदा हुए जो बहुत बार भारत रत्न और पद्म विभूषण से सम्मानित हुए ,काशी आध्यात्मिक नगरी है और अध्यात्म काशी का प्रथम स्थान है, काशी में ही कुछ ऐसे समाजसेवी समय रहे हैं जो कि हिंदू धर्म और आस्था पर चोट आने वाले किसी भी विषय पर अपने बात समाज के सामने रखते हैं ,और उसका विरोध करते हैं ,ऐसे ही एक काशी के ही विशेष नागरिक हैं जिनका नाम अजीत पांडे बाबुल है अजीत पांडे बाबुल मुख्य रूप से दिशा सोसाइटी ट्रस्ट के माध्यम से लोगों को जरूरतमंदों को चीजों से सहयोग करते है, उसमें चाहे कंबल वितरण हो चाहे भोजन वितरण हो जाए अन्य वितरण हो या छोटे छोटे बच्चों को कॉपी किताब या पेन का वितरण हो, अजीत पांडे बाबुल समाजसेवी जरूर है लेकिन हिंदू समाज की आस्था पर अगर कहीं से भी चोट आती है,तो अजीब पांडेय बाबुल सदैव तैयार रहते हैं आज विशेष पत्रकार वार्ता में आदिपुरूष फिल्म का जिक्र किए जोकि हिंदू धर्म की आस्था को चोट पहुंचा रही है,
क्या है मामला
आदिपुरुष फिल्म में जी तरीके से राम हनुमान जी रामण का जो भूमिका दिखाया गया है, वह हिंदू धर्म की आस्थावो पर चोट पहुंचाता है, लेकिन सबको यह पता है फिर भी लोग हाल तक आ रहे हैं ,और पिक्चर को देख रहे है,हनुमान जी का लंका दहन का डायलॉग सीता अपहरण का डायलॉग पूरी पिक्चर में हिंदू धर्म को इस तरीके से दिखाए गया है ,जो किसी से छुपा नहीं है, लेकिन हिंदू धर्म के ठेकेदार हिंदू धर्म पर बने बहुत सारे संस्थाएं जो कि नाम लेने लायक नहीं है ,आज तक सड़क पर नहीं आए और आराम से आदिपुरूष फिल्म का लुप्त उठा रहे हैं, देखना यह कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार आदित्यनाथ योगी जी की हिंदू धर्म की आस्थाको चोट पहुंचाने वाली इस पिक्चर फिल्म को कब उत्तर प्रदेश में बैन करेगी इसका इंतजार धर्म की नगरी पूरी काशी कर रही है अजीत पांडेय बाबुल दिशा सोसाइटी वाराणसी