Friday, August 29, 2025

सावन के चौथे सोमवार पर काशी का कण-कण शिवमय, बाबा विश्वनाथ के भागीरथी श्रृंगार के दर्शन

सावन के चौथे सोमवार पर काशी का कण-कण शिवमय, बाबा विश्वनाथ के भागीरथी श्रृंगार के दर्शन

सावन के चौथे और पुरुषोत्तम मास के दूसरे सोमवार पर गंगा घाट से बाबा के धाम तक आस्थावानों की ऐसी कतार उमड़ी है कि महादेव की नगरी शिवभक्तों से बम-बम हो उठी है। गोदौलिया क्षेत्र की सड़कें, गलियां सब महादेव की भक्ति में सराबोर है।

 

काशी विश्वनाथ धाम जाने वाले मार्ग पर बाबा भक्तों की भीड़

सावन के चौथे और पुरुषोत्तम मास के दूसरे सोमवार पर काशी का कण-कण शिवमय हो उठा। गोदौलिया क्षेत्र की सड़कें, गलियां सब महादेव की भक्ति में सराबोर है। उमस भरी गर्मी के बेच भक्तों की टोलियां कतारबद्ध होकर भोले के दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही है। पूरे मंदिर परिसर को फूल और पत्तियों से सजाया गया है। कांवड़ियों के लिए बैरिकेडिंग में रेड कार्पेट बिछाई गई है।

 

 

 

 

 

कैथी मार्केंडय महादेव, बीएचयू विश्वनाथ, गौरी केदारेश्वर समेत जिले के अन्य शिवालयों में भी बाबा भक्तों की भीड़ उमड़ी है। गंगा घाट से बाबा के धाम तक आस्थावानों की ऐसी कतार उमड़ी है कि महादेव की नगरी शिवभक्तों से बम-बम हो उठी। स्वर्ण शिखर वाले स्वर्णमंडित गर्भगृह में विराजमान बाबा विश्वनाथ भक्तों को झांकी दर्शन दे रहे हैं। बाबा का आज भागीरथी श्रृंगार होगा

इस साल सावन के महीने को बहुत खास माना जा रहा है, क्योंकि अधिक मास की वजह से इस बार सावन दो महीने का है। ऐसे में सावन में पड़ने वाले व्रत और त्योहार की संख्या भी बढ़ गई है।

हर सोमवार पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु

मंगला आरती के बाद से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला अनवरत जारी है। गंगा घाट से गोदौलिया चौक तक पैर रखने की जगह नहीं है। मंदिर प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 10 बजे तक करीब दो लाख भक्त मंदिर में मत्था टेक चुके हैं। बाबा के दरबार में सावन के हर सोमवार को भक्तों की रिकॉर्ड संख्या औसतन पांच से छह लाख पहुंच रही है। जबकि प्रतिदिन औसतन 1.5 लाख श्रद्धालु महादेव के दर्शन कर रहे हैं।

 

 

 

काशी विश्वनाथ धाम में लगी लंबी कतार

सोमवार की भोर में मंगला आरती की तैयारियां शुरू हुईं तो कतारबद्ध कांवड़ियों की हलचल भी बढ़ गई। बीती रात से ही कतार में लगे श्रद्धालु चैतन्य हो उठे और हर-हर महादेव… के जयकारे से काशी की गलियां गूंज उठीं। धाम को जाने वाले रास्ते से लेकर गंगा के तट तक भक्तों की कतार लगी हुई थी। गोदौलिया से गेट नंबर चार, दशाश्वमेध से ढुंढिराज बांसफाटक, चौक से गेट नंबर चार तक की बैरिकेडिंग में श्रद्धालु और कांवड़िये हाथ में जल, फूल-माला और प्रसाद लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।

मंगला आरती के बाद भोर में 3:45 बजे आम दर्शनार्थियों के लिए स्वर्णमंडित गर्भगृह के कपाट खुले तो चारों द्वार से भक्तों का दर्शन अभिषेक शुरू हो गया। भक्तों की एक कतार चितरंजन पार्क तो दूसरी ओर गेट नंबर चार से चौक के आगे तक लगी रही। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण ललिता घाट से प्रवेश बंद रहा।   UP 18 NEWS से Shweta Dubey की रिपोर्ट …

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