बीएचयु हॉस्पिटल मे कर्मचारी मरीज के जान से करते है खिलवाड़ व सवाल पूछने पर भड़क कर बदतमीजी से जबाब देते है, कहते है कि जो करना है कर लो बाल रोग विभाग मे एक बच्ची का ब्लड की कमी होने के कारण एक ब्लड सेम्पल की जाँच के लिए 1 सिंतबर को दिया गया था, जिसकी रिपोर्ट 10 दिन बाद मिलनी थी। ज़ब दस दिन बाद 11 सितंबर को रिपोर्ट माँगा गया तब रजिस्टर चेक करने पर वहाँ नाम ही मौजूद नहीं था। जिसके बाद कहा गया कि आपने जो ब्लड दिया वो गड़बड़ था और फिर से सेम्पल देना पड़ेगा फिर से 10 दिन बाद रिपोर्ट मिलेगा। इस दौरान ज़ब पूछा गया कि आपको फोन नम्बर नोट कराया गया था आपको बुलाकर फिर से ब्लड सेम्पल फिर से लेना चाहिए था वहाँ के एक कर्मचारी ने बताया कि ये सब हमेशा ऐसे ही ब्लड सेम्पल इधर-उधर भेज देते है और मरीज परेशान होते है इनको कोई बोलने वाला है नहीं इसलिए मन मर्जी का काम करते है। हमेशा फ़ोन पर बीजी रहेंगे और काम को काम नहीं मजाक समझते है।
✍️ UP 18 NEWS से आशीष मोदनवाल की रिपोर्ट