चिरईगांव/वाराणसी।स्थानीय विकास खण्ड के बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित
ढाब क्षेत्र में गंगा रौद्र रूप दिखाने के बाद मंगलवार को स्थिर होने लगी । बीते चार
दिनों से लगातार गंगा नदी वह सोता के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के कारण ढाब क्षेत्र में हजारों लोगों
की मुश्किलें बढ़ गयी है। रामचंदीपुर के पूर्व ग्राम प्रधान राजकुमार यादव, जितेंद्र सिंह, अम्बा
गांव के पंकज सिंह, अमित सिंह, मुस्तफाबाद के अतुल सिंह, मोकलपुर के भुआल सिंह, तहसीलदार सिंह अनमोल सिंह की
मानें तो बीते चार दिनों मे गंगा व सोता के किनारे बोयी गयी कई एकड़ हरे चारे ज्वार वह बाजरा
की फसलें बाढ़ की भेंट चढ़ गयी। छितौना व जाल्हूपुर में भी हरे चारे की फसलों को क्षति पहुंची
है। छितौना गांव में कई लोगों के घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से घर की छत पर शरण लिये
हुए है। हरे चारे की फसलों की क्षति होने से अब पशुपालकों के समक्ष पशुओं के लिए चारे की
समस्या उत्पन्न होगी। फिलहाल बाढ़ का पानी स्थिर होने के बाद घटना भी शुरू हो गया लेकिन
किसानों को आशंका है कि बाढ़ का पानी पुनः बढ़ सकता है यदि ऐसा हुआ तो अब किसानों
की धान की फसल को भी क्षति पहुंचेगी। उधर ढाब क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामपुर ढाब में
स्थापित बाढ़ राहत शिविर में छे परिवारों के ४८ सदस्यों ने शरण ले रखी है। गोबराहा बाढ़ राहत शिविर मे ४ परिवार १३ सदस्यों ने शरण ले रखी है।मंगलवार को
पशुपालन विभाग व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की बाढ़ चौकियों पर बाढ़
पीड़ितों की मदद के लिए मुस्तैद देखे गये।