मानद विद्यावाचस्पति सम्मान से सम्मानित हुई साहित्यकार
विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ (विश्वविद्यालय) भागलपुर में ०७ नवंबर २०२३ को हुए अपने एक दिवसीय महाधिवेशन एवं मानद सारस्वत सम्मान समारोह में सुनीता जौहरी, वाराणसी, को प्रतिष्ठित मानद सम्मानोपाधि ‘विद्यावाचस्पति’ से विभूषित किया गया । पीठ के सम्मानित पदाधिकारी डॉ संभाजी बाविस्कर (कुलपति) के अनुसार लेखिका सुनीता जौहरी जिनकी पुस्तक ” आनलाइन संस्थानों का सच” आजकल अपनी सच्ची कहानी के कारण काफी चर्चा में है तथा सुनीता जौहरी हिंदी भाषा के उत्थान के लिए एक दशक से भी ज्यादा समय से लगी हुई है वे अपने संस्थान के माध्यम से भी हिंदी भाषा को प्रोत्साहित करने हेतु काफी समय देती हैं, सुनीता जौहरी को अब तक काफी साहित्यिक सम्मान, सामाजिक सेवा सम्मान, पर्यावरण संरक्षक एवं कई अन्य विश्व रिकॉर्ड प्राप्त किया है, सुनीता जौहरी जी अन्तर्राष्ट्रीय शांति दूत भी है उनकी संस्थान को भी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, उनके इन सभी कार्यों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया है। उनके द्वारा संपादित की गई पत्रिका ” सुनीता” जो विकिपीडिया में भी शामिल हैं, काफी प्रसिद्ध है।
बधाई देते हुए डॉ संभाजी बाविस्कर (कुलपति)जी ने कहा कि हम आशा करते हैं कि आप लोग ऐसे ही साहित्य व हिंदी भाषा की सेवा करते रहेंगे।