MD Rafik Khan
ज्ञानवापी परिसर में चादरपोशी और उर्स समेत अन्य धार्मिक आयोजन की मांग से संबंधित वाद पर सुनवाई के दौरान मसाजिद कमेटी की ओर से अपना पक्ष रखने के लिए स्थगन प्रार्थना पत्र देकर समय मांगा गया। अदालत ने इस पर मसाजिद कमेटी पर 100 रुपया हर्जाना लगाते हुए स्थगन प्रार्थना पत्र को मंजूर कर लिया।
सिविल जज सीनियर डिवीजन/ एफटीसी प्रशांत सिंह की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर से जुड़े एक वाद में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी पर पक्ष रखने के लिए दिए गए स्थगन प्रार्थना पत्र पर 100 रुपये हर्जाना लगाया है। साथ ही सुनवाई की अगली तिथि 19 फरवरी तय कर दी है।
ज्ञानवापी परिसर में चादरपोशी और उर्स समेत अन्य धार्मिक आयोजन की मांग से संबंधित वाद पर सुनवाई के दौरान मसाजिद कमेटी की ओर से अपना पक्ष रखने के लिए स्थगन प्रार्थना पत्र देकर समय मांगा गया। अदालत ने इस पर मसाजिद कमेटी पर 100 रुपया हर्जाना लगाते हुए स्थगन प्रार्थना पत्र को मंजूर कर लिया। यह वाद लोहता क्षेत्र के मुख्तार अहमद समेत चार लोगों ने सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत में दाखिल किया है। कहा है कि ज्ञानवापी स्थित मजार पर उर्स और चादरपोशी समेत अन्य धार्मिक आयोजनों की अनुमति दी जाए। इस वाद में एक पक्षकार अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी भी है।
Edited By Rafik khan
10/01/2024 03:28 PM ( IST)