Friday, August 29, 2025

कहाँ गयी वो हरियाली

कहाँ गयी वो हरियाली ,
कहाँ गई वो पेड़ो की डाली
हमने सब कुछ काट दिया
सारे जंगल छांट दिया
जीने चले शहरों. में
इन धुओ. के. कोहरे में
पर्यावरण को किया भारी नुकसान
भूल गए अपना भगवान
प्रदूषण को खूब फैलाया है
अपना जीवन घटाया है
बीमारियां भी खूब फैली है
गंगा – जमुना अब मैली है
समझ जाओगे , सुधर जाओगे
रोको इस प्रदूषण की गति को
उपयोग में लाओ अपनी मति
मत करो संसाधन को दुरुपयोग
सीमित रखो अपना उपययोग सीमित रखो अपना उपयोग

escort bayan sakarya escort bayan eskişehir