सुरसरि के तट पर शिव भजनों संग स्वच्छता रूपी सेवा से राज राजेश्वर की आराधना
पांचवा दिन महाशिवरात्रि- पंचगंगा घाट पर मढ़ियों के नीचे बने कई छोटे शिवालयों में सफाई
नमामि गंगे वाराणसी महानगर के तत्वावधान में महाशिवरात्रि के अवसर पर चलाये जा रहें स्वच्छता की बयार शिव के द्वार कार्यक्रम के तहत मंगलवार को पंचगंगा पर सफाई की गयीं।
उत्तरवाहिनी माँ गंगा की कल-कल करती अविरल धारा के समानांतर भक्तिरस से पगी सुमधुर शिव भजनों संग स्वच्छता रूपी सेवा प्रारम्भ किया गया।नमामि गंगे महानगर सहसंयोजक शिवम अग्रहरि के नेतृत्व में संस्था के दर्जनों सदस्यों ने घाट किनारे बने मढ़ियों के नीचे कई प्राचीन शिवालयों में सफाई की।बाढ़ के दौरान बहकर आये रेत व मिट्टी जमी होने के कारण कई विग्रह दर्शनीय नहीं थे।मंदिरों में घण्टों श्रमदान कर भारी मात्रा में रेत निकाला गया साथ ही गंगाजल से धोकर साफ किया गया।शिवलिंग पर विधिवत तेल, भष्म से त्रिपुंड लगाए जाने के बाद पुष्पादि से अलंकृत किया गया।हर हर महादेव शंभु काशी विश्वनाथ गंगे, ॐ नमः शिवाय, भोलेनाथ से निराला कोई और नहीं है, आदि भजनों से राज राजेश्वर की आराधना की गयीं।हर हर महादेव के उद्घोष संग श्रद्धालुओं से मंदिरों सहित गंगातट पर स्वच्छता बनाये रखने की अपील की।सभी से आह्वान किया कि महाशिवरात्रि के पूर्व सभी शिवालयों में स्वच्छता बनाये रखें।आयोजन में प्रमुख रूप से महानगर सहसंयोजक शिवम अग्रहरि, महानगर सहसंयोजक रामप्रकाश जायसवाल, रश्मि साहू, जय विश्वकर्मा, रेनू आचार्य, सुमित मद्धेसिया, प्रीति रवि जायसवाल, रतन साहू, दीपशिखा कन्नौजिया, सरस्वती मिश्रा, लालजी पांडेय, बच्चा गुरु आदि रहें।
काली शंकर उपाध्याय की एक रिपोर्ट