Friday, August 29, 2025

महिला के नेतृत्व बिना हर विकास अधुरा है

महिला के नेतृत्व बिना हर विकास अधुरा है
चिरईगांव ब्लॉक जाल्हूपुर
आज दिनांक 6 मार्च 2024को महिला चेतना समिति चिरईगांव के नेतृत्व में चिरईगांव ब्लाक के ग्राम पंचायत जाल्हूपुर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला चेतना समिति और लोक चेतना समिति के सहयोग से * *समाज परिवर्तन में महिला नेतृत्व* * विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत कर महिला दिवस की शुभकामना संदेश दिया गया।कार्यक्रम का विषय प्रवेश करते हुए चारू जी ने कहा कि हमे संविधान द्वारा तमाम अधिकार मिलने और कानून बनने के बाद भी आज जमीनी हकीकत का आंकलन करे,तो महिलाओं का सामाजिक आदर, सम्मान, शिक्षा व्यवस्था, परिवार में स्थान,लैंगिक भेदभाव, रूढ़ियां व कुप्रथाएं, आर्थिक संसाधनों पर नियंत्रण एवं प्रयोग की वर्तमान स्थिति पर आज भी महिलाएं संघर्ष कर रही है और उन्हें उनका अधिकार नही मिल पा रहा है ।आज इसी विषय पर चर्चा होनी है और आप सब के सहयोग से एक दिशा तय करनी है। सुधा देवी महाविद्यालय के प्राचार्य राजेश यादव जी ने कहा कि आज महिलाएं सरकारी सेवा हो या देश की रक्षा की बात हो,राजनीति हो या घर संभालने की बात हो हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है,यह बदलाव आज पितृसत्तात्मक समाज के दोष को दूर करने का प्रयास करता है वही देश व समाज को तरक्की भी प्रदान करता है। मुख्य वक्ता एकता शेखर जी ने कहा कि पूरी दुनिया 8 मार्च को नारी शक्ति,विकास के सम्मान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाती है आज का दिन महिलाओं की शक्ति व सामर्थ्य के दिवस के रूप में देखा जाता है,पर आज के इस विकास के दौर में हम महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय की स्थिति पर नजर डाले तो आज भी महिलाएं संघर्ष करती नजर आ रही है उन्हें संविधान से बराबरी का अधिकार तो मिला और उन अधिकारों को सुरक्षित करने के लिये कानून भी बनाया गया पर फिर भी समाज उसे स्वीकार नही कर रहा और आज भी महिलाएं न्याय और अधिकार पाने के लिये संघर्ष कर रही है। रंजू जी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि जो महिलाएं पंचायत में चुनकर प्रतिनिधित्व कर रही है उनकी जिम्मेदारी है कि वह अपना नेतृत्व स्वयं ले और पुरुषों को सहयोगी की भूमिका में रखे उपस्थित सभी महिलाओं से आपने अपिल किया कि अपनी बच्चियों को लड़के के समान शिक्षा दीजिये जिससे वो स्वावलंबी हो सकें। डा.जयंत जी जी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान में सभी जाति, धर्म,लिंग, भाषा को समानता व स्वतंत्रता का अधिकार दिया गया है और इसे पाने के लिए हम महिलाओं को ही आगे आना होगा और संगठित होकर आवाज उठाना होगा। हमे आज के दिन यह संकल्प लेना होगा कि हमे जो अधिकार संविधान द्वारा मिला है उसे हम ले और पंचायत विकास व देश समाज के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। चमेला जी द्वारा महिलाओं से अपिल किया गया कि अपने साथ होने वाले भेदभाव व हिंसा का विरोध करना होगा और अपनी लड़कियों को भी विरोध करना सीखने के साथ साथ लड़को को महिलाओं और लड़कियों का सम्मान करना सिखाना होगा। तत्पश्चात पंचायत में नेतृत्व ले रही महिलाओं द्वारा विभिन्न संगठनों के माध्यम से ग्राम विकास ,महिला हिंसा, किशोरी शिक्षा, मनरेगा, में किये गए प्रयासों और उनमें मिली सफलता और असफलता को लोगो के बीच नाटक,गीत, भाषण के माध्यम से लोगो के बीच रखते हुए कहा कि हम अपनी समाज के प्रति जिम्मदारियों का निर्वहन कुशलता पूर्वक कर रहे है,हमे जरूरत है पुरुषों के सहयोग की समाज के पुरुषों से निवेदन है कि हमारे कामो में वह सहयोग करे ,हमारे नेतृत्व को स्वीकार करें और पंचायत व देश विकास में भागीदारी करें।कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला चेतना संगठन पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष चमेला, संचालन वंदना,व धन्यवाद संतोष द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जाल्हूपुर,विशुनपुरा,तोफापुर, उकथी,अंबा,रमना, कुकुढ़ा, अमौली, पचरांव ,मुस्तफाबाद गांव की सैकड़ो महिलाओं की भागीदारी रही।

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