Friday, August 29, 2025

डीएम कार्यालय से महज एक किमी की दूरी पर कैसे हो रही प्रतिदिन लाखो की धुआंधार अवैध वसूली,

डीएम कार्यालय से महज एक किमी की दूरी पर कैसे हो रही प्रतिदिन लाखो की धुआंधार अवैध वसूली,

अनवरत शिकायत के बाद भी कार्यवाही न होने की स्थिति में आम जनता त्रस्त,अधिकारी मस्त ,

(संगम पांडे की कलम से पढ़ें पुरी खबर)

सोनभद्र। जिलाधिकारी कार्यालय से महज एक किमी की दूरी पर स्थित हाइवे के किनारे डाइविंग लाइसेंस व वाहन फिटनेस के नाम पर प्रतिदिन लाखो की हो रही धुआंधार अवैध वसूली में संलिप्त उप संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के संबंधित अधिकारी व एक चर्चित सारथी कर्मी के खिलाफ तमाम शिकायतो के बाबजूद आज तक कोई कार्यवाही न होने से परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों के कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे है। मामले में विभिन्न राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री कार्यालय सहित परिवहन आयुक्त, पुलिस विभाग के आला अधिकारी आदि उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग किया है। साथ ही एआरटीओ कार्यालय के चर्चित आरआई व एक सारथी कर्मी के चल व अचल संपत्ति की उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्यवाही करने की मांग की है।
यहां बताना आवश्यक है कि सोनभद्र एआरटीओ कार्यालय द्वारा सारे नियम कानून को ताख पर रखकर सुविधा शुल्क के दम पर लाइविंग लाइसेंस व वाहनों का फिटनेश सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है। आरोप है कि कार्यालय के आरआई के संरक्षण में एक चर्चित सारथी कर्मी के इशारे पर एक बाहरी युवक द्वारा प्रति ड्राइविंग लाइसेंस 1500 रुपए व वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कराने के नाम पर 1800 से 2500 रुपए बतौर सुविधा शुल्क की वसूली अनवरत किया जाता है। फिर वसूले गए उक्त रूपयो को सारथी कर्मी को भेट किया जाता है। बाद सारथी कर्मी शाम को चर्चित अधिकारी से संपर्क कर ईमानदारी पूर्वक उक्त रूपयो को दे देता है।

सूत्रों ने बताया कि कार्यालय से प्रतिदिन 90 ड्राइविंग लाइसेंस व 40 वाहनों का फिटनेश किया जा सकता है। ऐसे में यदि सिर्फ तीन दर्जन यानी 36 लाइविंग लाइसेंस को पास करने के नाम पर यदि देखा जाए तो संबंधित द्वारा प्रतिदिन 1500 रुपए के हिसाब से 54 हजार की वसूली खुलेआम की जाती है। इस तरह एक माह में सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर जिले की भोलीभाली जनता से 16 लाख 20 हजार रुपए की वसूली की जा रही है। जिससे जनता योगीराज में भी त्रस्त हो चुकी है। इस भ्रष्टाचार पर भी विभागीय आला अधिकारी कार्रवाई करने की वजाय कानों में तेल डालकर सोए हुए हैं।
सूत्रों ने दावा किया है कि एआरटीओ कार्यालय से जारी ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट की उच्च स्तरीय जांच करा दी जाय तो न सिर्फ अवैध वसूली का फंडाफोड हो जायेगा बल्कि इस गोरखधंधे में संलिप्त कार्यालय के चर्चित अधिकारी के साथ ही कइयों का चेहरा बेनकाब हो जायेगा।
खबर क्रमशःअगले अंक में

escort bayan sakarya escort bayan eskişehir