Friday, August 29, 2025

जो देते हैं सफाई का संदेश, वहीं लगा कूड़े का ढेर

चिरईगांव/वाराणसी।

स्थानीय विकास खंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व कुछ अन्य उपकेंद्रों पर इन दिनों सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास उगे खरपतवार व फैला कूड़ा सफाई व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है, जबकि बीते बुधवार को सीएमओ भी पीएचसी चिरईगांव व अन्य स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निरीक्षण के दौरान उपस्थित लोगों को साफ-सफाई दुरुस्त रखने की नसीहत दे कर गये, लेकिन सीएमओ साहब की नसीहत का भी कोई असर नहीं दिख रहा है।

यह हाल तब है, जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक ‘संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ चलाकर लोगों को सफाई का संदेश देने का कार्य कर रहा है। जिससे कि क्षेत्र में संचारी रोगों पर नियंत्रण पाया जा सके। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों के समक्ष पसरी गंदगी देखने के बाद सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सम्बंधित महकमे की कथनी और करनी में कितना अंतर है। स्थानीय लोगों कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की मुहिम अब लोगों को सलाह देने तक सिमट चुकी है। ऐसे में एक माह तक चलने वाला संचारी रोग नियंत्रण अभियान कितना और कैसे सफल हो रहा है, यह तो स्वास्थ्य विभाग ही जानें।

केस नं. 1- पीएचसी के पास ही सफाई व्यवस्था दयनीय: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरईगांव में जच्चा-बच्चा केंद्र की चहारदीवारी के पास ही खरपतवारों पर गंदगी का अंबार लगे

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र

आयुष्मान भारत

पीएचसी के सामने ही पसरी गंदगी व खरपतवार, सलारपुर उप स्वास्थ्य केंद्र का यह हाल।

होने से मच्छरों की भरमार हो गयी है। पीएचसी के सामने चहारदीवारी के पास ही पसरी गंदगी से सम्बंधित महकमे की छवि खराब हो रही है। साथ ही मच्छर जनित बीमारियों मलेरिया, डेंगू आदि के फैलने का खतरा बना हुआ है। केस नं.2-सलारपुर उप केंद्र पर भी खरपतवारों का लगा अंबार स्वास्थ्य उपकेंद्र सलारपुर में भी खरपतवारों का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सलारपुर अब नगर निगम में शामिल हो गया है। ऐसे में शहर व गांव के चक्कर में विगत दो वर्षों से यहां सफाई नहीं हो रही है, जबकि यहां पर टीकाकरण, चेकअप

सलाह देने तक सिमटी स्वास्थ्य विभाग की मुहिम

अंबार लगा होने से मच्छरों के

साथ ही अन्य खतरनाक

जंतुओं सांप व बिच्छू आदि का

पीएचसी सहित अन्य उपकेंद्रों पर सफाई न होने स्वच्छता व संचारी रोग नियंत्रण से मच्छरों की भरमार

भय बना रहता है। ऐसे में अभियान चलाने वाले महकमे का जब यह हाल है तो अन्य स्थानों की साफ सफाई व स्वच्छता अभियान की सफलता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। उपरोक्त दो उदाहरण तो महज एक बानगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश स्वास्थ्य उपकेंद्रों का यही हाल है।

बोले प्रभारी चिकत्साधिकारी इस सम्बंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. अमित सिंह का कहना था कि सलारपुर उपकेंद्र पहले चिरईगांव ब्लाक में

आदि का कार्य होता है, लेकिन खरपतवार का

था, लेकिन अब नगर निगम में शामिल हो गया है। ऐसे में यहां से सिर्फ एएनएम की तैनाती की गयी है, लेकिन कार्य सीएचसी सारनाथ द्वारा लिया जा रहा है। सलारपुर में पार्षद व एएनएम का संयुक्त बैंक खाता खुलने के बाद ही सफाई के लिए धनराशि भेजी जायेगी। उसके पश्चात ही वहां की साफ-सफाई संभव हो सकेगी। वहीं जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरईगांव की चहारदीवारी व जच्चा-बच्चा केंद्र के सामने पसरी गंदगी व उगे खरपतवारों की साफ सफाई के सम्बंध में बात की गयी तो वे टालमटोल करते नजर आये। उधर स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाले मरीजों का कहना था कि लगता है कि स्वास्थ्य केंद्रों की साफ- सफाई संभवतः भगवान भरोसे ही है अथवा सम्बंधित महकमे को किसी महामारी के फैलने का इंतजार है।

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