अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में चुनाव प्रचार में भ्रमण के दौरान करौता में मेरी गाड़ीयों को रोक कर चेकिंग की गई। चुनाव आयोग के किसी अधिकारी बंधु ने बारी-बारी से मेरी सभी गाड़ियों की तलाशी ली। मगर, उनके हाथ कुछ नहीं लगा। आप सब खुद देखिए!
आखिर क्यों हुई ये चेकिंग? क्या बिना वजह बताए चुनाव में किसी प्रत्याशी के गाड़ी की चेकिंग की जा सकती है? अपनी हार को सामने देखकर भाजपा बौखला गई है। इसीलिए, ऐसी हरकतें कर रही है।
एक ओर काशी में प्रधानमंत्री के बड़े-बड़े पोस्टर्स चुनाव आयोग के नियम को आँखें दिखा रहे हैं तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री की रैलियों ने जनता की नाक में दम कर दिया है। मगर, वो सब चुनाव आयोग को नजर नहीं आ रहा है।
खैर! चुनाव आयोग को भले न नजर आए मगर जनता सब देख रही है और जल्दी ही वो इन सबका जवाब देगी।
प्रवासी जी! आप चाहे जितने जतन कर लें पर आपका विदा होना तो तय है।
अजय राय