Friday, August 29, 2025

जल गया है दीप तो अंधियार ढलकर ही रहेगा –  -रॉबर्ट्सगंज नगर के वन विहार में फहरा केतु केशरिया

पंचमुखी महादेव की चहंकी
जल गया है दीप तो अंधियार ढलकर ही रहेगा –
-रॉबर्ट्सगंज नगर के वन विहार में फहरा केतु केशरिया

सोनभद्र । ‘ आंधियां चाहे उठाओ , बिजलियां चाहे गिराओ ,
जल गया है दीप तो अंधियार ढलकर रहेगा ।’ गोपाल दास नीरज की इन्ही कालजयी पंक्तियों
को दुहराते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघ चालक मा. हर्ष
अग्रवाल ने रॉबर्ट्सगंज नगर के स्वयंसेवकों को भारतीय संस्कृति की सुरक्षा की आवश्यकता को
समझाते हुए विस्तार से उदाहरण
दे कर रेखांकित किया । कहा सीमा की सुरक्षा सैनिक करते हैं ।
देश की संस्कृति की सुरक्षा की
जिम्मेदारी हम सभी की है । हम
अगर अपनी संस्कृति , सभ्यता और स्वाभिमान की सुरक्षा के प्रति सजग नही रहे तो हमारी
स्थिति भी कश्मीरी पंडितों की
तरह हो सकती है । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऐसे ही देशभक्त
निर्भीक स्वाभिमानी स्वयंसेवकों
के निर्माण के लिर संघ की स्थापना की । आज 96 साल की
यात्रा का ही नतीजा है कि संघ
विश्व का सबसे बड़ा और प्रभावी
स्वयं सेवी संस्था तो बना ही साथ
ही जीवन के विविध आयाम में संस्कार युक्त राष्ट्र के प्रति समर्पित
निष्ठावान कार्य कर्ताओं की एक ऐसी टीम पूरे भारत में खड़ा कर
दिया है जिनके भीतर भारत को
एक बार फिर विश्वगुरु के पद पर
स्थापित करने का सुनहरा अवसर
साफ दिख रहा है । डॉक्टर केशव
बलिराम हेडगेवार ने इस राष्ट्र को
परमवैभव तक पहुँचाने का सपना
देख कर ही संघ की स्थापना नागपुर में विजयादशमी के दिन
मोहिते के बाडा में 1925 में की
थी । लगभग नगर के तीन सौ
संस्कारित स्वयंसेवकों को उन्होंने
समझाया कि ड़ॉ केशव बलिराम
हेडगेवार भारतीय संस्कृति के
परम उपासक थे । वह कर्मठ , सत्यनिष्ठ और राष्ट्रवादी होने के
साथ साथ एक स्वतंत्रचेता भी
थे । उन्होंने हिंदुओं में नई चेतना
जाग्रत करने के लिए उल्लेखनीय
कार्य करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक
संघ की स्थापना की ।
भित्तिचित्र की कथा
……………………….
सह जिला कार्यवाह पंकज जी
और प्रचार प्रमुख नीरज सिंह
एडवोकेट के मार्ग दर्शन में
स्वयं सेवक गट के अनुसार प्रकृति
की सुरम्यता और भित्तिचित्रों का
अवलोकन किए । लगभह 3500 वर्ष प्राचीन माने जाने वाले
शैलाश्रित भित्तिचित्र हमारी प्राचीन सभ्यता के जीवित दस्तावेज़ हैं । पंचमुखी महादेव
तीर्थ क्षेत्र पुरातात्विक , आध्यात्मिक , सामरिक , धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है । आस्था के स्थल
के रूप में विकसित यह स्थल
आकर्षण का केंद्र बना हुआ है ।
उपस्थित थे
…………….
परम पवित्र भगवद्धवज की छत्र छाया में मुख्य शिक्षक समेत गण
शिक्षक अलग अलग ढंग से शारीरिक कराए । सह भोज के
साथ राष्ट्रीय एकात्मता का संदेश
दिया गया । वनविहार कार्यक्रम
आकर्षण का केंद्र बना हुआ था ।
इस आयोजन में जिला सम्पर्क
प्रमुख महेश जी , जिला व्यवस्था
प्रमुख कीर्तन जी , नगर कार्यवाह
संतोष जी , सह नगर कार्यवाह
सत्या रमण जी एडवोकेट , नगर
संघ चालक आलोक जी ,नगर व
छपका खण्ड के प्रचारक योगेश
जी , छपका खण्ड के बौद्धिक प्रमुख सतेंद्र पाठक समेत नगर
के गणमान्य वन विहार में बाटी दाल , चोखा , चावल , चूरमा का
आंनद उठाए ।

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