Friday, August 21, 2026
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देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक, भूलवश भी ना करें तिरंगे का अपमान ..अजित कुमार पाण्डेय (बाबुल )

देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक, भूलवश भी ना करें तिरंगे का अपमान

…. अजित कुमार पाण्डेय (बाबुल )

 

 

 

 

 

 

15 अगस्त यानि स्वतंत्रता दिवस, आज़ादी का दिन

लोग घर घर तिरंगा, हर घर तिरंगा अभियान के तहत सभी जगह पर झंडारोहण करते हैं

देश के हर कोने में लोग देशभक्ति के रंग में रंग जाते है राज्यों के सीएम से लेकर आम पब्लिक की तिंरगे के साथ ली गई तस्वीर पोस्ट करते हैं, परंतु दूसरे दिन वहीं झंडे कचरे के डिब्बे या सीवेज पाइप में पडे दिखाई देते हैं, हम सडकों पर इन झंडों को रौंदते हुए देखते हैं। लोग भूल जाते हैं कि ये तिरंगे का अपमान है।

सामाजिक संस्था दिशा सोसाइटी के प्रमुख डॉ.अजीत कुमार पाण्डेय बाबुल ( विद्या वाचस्पति) ने प्रदेशवासियों से 15 अगस्त को त्योहार के तरह मनाने के साथ ही झंडे के सम्मान व गरिमा को बनाए रखने की बात कहते हुए कहा कि

झंडा राष्ट्र की एक पहचान का प्रतिनिधित्व करता है। यह देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। भारत के नागरिक 15 अगस्त और 26 जनवरी को जहां भी संभव हो, गर्व से तिरंगे को फहराकर राष्ट्र के प्रति अपना प्रेम तथा सम्मान दिखाते हैं। दुर्भाग्य से, यह गौरव अल्प काल के लिए टिकता है। सायंकाल के समय वही झंडे कचरे के डिब्बे या सीवेज पाइप में पडे दिखाई देते हैं, हम सडकों पर इन झंडों को रौंदते हुए देखते हैं। लोग भूल जाते हैं कि ये तिरंगे का अपमान है। अनेक बार झंडों को कूडे के साथ जला दिया जाता है। प्रत्येक नागरिक को हमारे राष्ट्र ध्वज के प्रति उचित सम्मान रखना चाहिए।

आपके पास देशभक्ति में रंगे ऐसे लोगों की तस्वीर भी सामने आई होगी जिसमें लोगों ने अपने चेहरे पर, केक की शक्ल में, चाभी के गुच्छे के रूप में तिरंगे को सम्मान दिया है। अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। तिरंगे की हिफाजत हमारा कर्तव्य है

अतः आपसे अनुरोध है कि पूरे शान से और त्यौहार के रूप में झंडा वंदन करे फिर झंडे को उचित सम्मान और हिफाज़त से रखे

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