वाराणसी । पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी शंभु कुमार ने शनिवार रात में विजिलेंस टीम के जेई (अवर अभियंता) विकास कुमार दूबे को निलंबित कर दिया है। बीजेपी नेता के यहां पर बिजली चोरी पर मुकदमा दर्ज कराने के प्रकरण को लेकर यह कार्रवाई की गयी है। पूर्वांचल डिस्कॉम से मिली सूचना के अनुसार प्रवर्तन दल प्रथम के जेई पर उपभोक्ता के यहां चोरी का आरोप लगा कर गलत जांच करवाने की बात कही गयी है। निलंबन के निर्देश में कहा गया कि उपभोक्ता प्रभाकर मिश्रा के गंगापुरी कॉलोनी के लेन नम्बर एक के परिसर में जेई एवं विजिलेंस की टीम ने 26 सितम्बर को चेकिंग की थी। परिसर में मीटर खराब होने के चतले डायरेक्ट सप्लाई की गयी थी लेकिन विकास कुमार दूबे ने चोरी का आरोप लगा कर गलत जांच करायी। इससे उपभोक्ता को मानसिक
परेशानी एवं विभाग की छवि धूमिल हुई।
इसके लिए जेई विकास कुमार दूबे प्रथम
बीजेपी नेताओं ने एमडी को फोन कर मामले की जांच करने की थी मांग
दृष्टया दोषी पाये गये हैं और उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
बीजेपी नेताओं ने की थी एमडी पर कार्रवाई की मांगः बीजेपी के कार्य समिति सदस्य दिलीप मिश्रा के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद से 27 सितम्बर को विजिलेंट कार्यालय पर हंगामा किया था और जेई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बीजेपी नेताओं का दावा था कि सुविधा शुल्क नहीं देने पर ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। काफी देर हंगामे के बाद बीजेपी नेताओं ने भेलूपुर थाना प्रभारी को जेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी। इसी रात बीजेपी के काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल एवं जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने भी अधिकारियों को फोन कर
मामले की जांच करने को कहा था इसके बाद शनिवार को बीजेपी के महानगर अध्यक्ष विद्यासगार राय, एवं मेयर अशोक तिवारी ने पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी शंभु कुमार को फोन कर मुकदमा दर्ज कराने वाले विजिलेंस के लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की थी। विजिलेंस टीम के उप निरीक्षक संतोष सिंह, जूनियर इंजीनियर विमल मौर्य एवं जेई विकास दूबे के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गयी। इस पर पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी शंभु कुमार ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही एमडी ने जेई के खिलाफ कार्रवाई कर दी और साफ किया कि वहां पर बिजली चोरी का प्रकरण नहीं थी। दूसरी तरफ उस दावे को लेकर कोई बोलने को तैयार नहीं है जो विजिलेंस की टीम ने किया था। विजिलेंस ने दावा किया था कि मौके पर बिजली चोरी पकड़ी गयी थी और उसकी वीडियोग्राफी भी करायी गयी थी।