चिरईगांव सोता में हो रहे कटान को रोकने के लिए चिरईगांव विकास खंड के ग्राम गंगापुर के किनारे नदी के तट पर बोल्डर डालकर पिछले वर्ष तटबंध चनाया गया था। इस निर्माण पर 3,67,96,000 रुपये लागत आई थी। कटान रोची तटबंध एक बड़ भी नहीं झेल पाया और जगह-जगह ध्वस्त हो गया।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश के बंत्री प्रखंड ने गंगा नदी के चाएं तट पर स्थित ग्राम गंगापुर घराभर, देवरिया के अंतर्गत सुरक्षा के लिए कटान निरोधक कार्य किया था। इसके लिए कार्यदायी संस्था विष्णुप्रद कंट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने बोल्डर की लोहे को जाली में डालकर कटान रोधी निर्माण कार्य किया था। 2023 में निर्माण के दौरान बाद आई थी लेकिन तब केवल फाउंडेशन बना था। बरस्वत बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ। इस प्रकार बीते दी-तीन महीनों में आई बाढ़ तटबंध के लिए पहली थी। उसे यह नाहीं झेल पाया। लोहे की
जाली टूट गई है और बोल्डर नदी में
चिरईगांव विकास खंड के गंगापुर में कटान रोकने को बना है तटबंध पानी उत्तरते ही जाली से बांधे गए पत्थर के बोल्डर गिरने लगे
गिर गए। कुछ जगह बोल्डर बैठ गए। इस कारण उसमें बड़ी दरार आ गई। तटबंध के दक्षिणी छोर पर बनाया गया ठोकर ध्वस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी उत्तरते ही लोहे की जाली से बांधे गए पत्थर के बोल्डर भरभरा कर गिरने लगे हैं। पत्थर नदी में गिरने से सपोर्ट खत्म हो गया है।
गंगापुर के किनारे सोता में कटान रोकने को बने तटबंध की जाली टूटने से गिरे बोल्डर
● हमने जेई से बात की तो पता चला कि तीन-चार मीटर बोल्डर आठ जगह धंस गया है। तटबंध में बाढ़ के वाद ऐसा होता है। ड्रोन से फोटो लिया गया है। उसे मरम्मत कर ठीक कर दिया जाएगा। राजेश कुमार सिंह, सहायक अभियंता।
ऐसे में लोहे की जाली से येथे बोल्डर नदी में लटक गए हैं। इससे वहां नाथ लगाने वाले नाविकों व स्नान करने वाले लोगों के लिए खतरा उत्पन्न हो
गंगापुर गांव के किनारे कई जगह बैठ गया तटबंध का ऊपरी हिस्सा जावया
गया है। 300 मीटर लंबे तटबंध के ऊपर भी कई जगह पत्थरों के बोल्डर धंस गए हैं। इससे वहां गड्डा हो गया है। सोता नदी की ओर बनाए गए सीड़ी नुमा तोकर भी बैठ गए हैं। 11 दिन पूर्व गिरा था बोल्डर:
गंगापुर निषाद बस्ती निवासी नाविक माहेश साहनी, रामू, शम्भु, राजेश, लक्ष्मण साहनी ने बताया कि 11 दिन पूर्व ही तटबंध के ठोकर के बोल्डर लोहे की जाली को तोड़कर भर भराकर नदी में गिर गए। ऐसे में नाव को वहां से हटाकर थोड़ी दूरी पर लगाएं हैं।
श्रम मंत्री ने निर्माण की
गुणवत्ता पर उठाए थे सवाल
श्रम व सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने 21 मई 2023 को तटबंध के निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था पर मानक के अनुरूप कार्य नहीं करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी थी। साथ ही शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी करने को कहा था। उन्होंने चेताया था कि गुणक्तापूर्ण कार्य नहीं होने पर अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।