Friday, August 29, 2025

महामहोपाध्याय आचार्य रामप्रसाद त्रिपाठी की 104 वीं जयंती के अवसर पर दुर्गा कुण्ड स्थित धर्म संघ शिक्षा मंडल में आयोजित

प्रकाशनार्थ

महामहोपाध्याय आचार्य रामप्रसाद त्रिपाठी की 104 वीं जयंती के अवसर पर दुर्गा कुण्ड स्थित धर्म संघ शिक्षा मंडल में आयोजित विद्वत्पूजन सभा में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पद्मभूषण प्रोफेसर वशिष्ठ त्रिपाठी ने कहा कि आचार्य त्रिपाठी का जीवन अत्यंत सरल एवं सादगी से भरा हुआ था। सादा जीवन उच्च विचार की उक्ति को आजीवन उन्होंने चरितार्थ किया। व्याकरण शास्त्र के क्षेत्र में ऐसी प्रतिभा शताब्दियों में पैदा होती है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति राष्ट्रपति सम्मानित प्रोफेसर नरेंद्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि गुरु जी परम वैयाकरण थे, उनकी ख्याति अभिनव पाणिनि के रूप में प्रचलित थी। विशिष्ट अतिथि के रुप में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य पद्मभूषण प्रोफेसर देवी प्रसाद द्विवेदी ने गुरुजी की प्रशंसा करते हुए कहा कि गुरुजी जैसा महापुरुष आज तक मैंने नहीं देखा। वह अपने दैनंदिन जीवन में सादगी एवं सहजता के अनुपम उदाहरण थे, जिस तरह वे संस्कृत शास्त्र के अप्रतिम विद्वान थे उसी तरह से अत्यंत विनम्रता का उन्होंने परिचय दिया। कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि के रूप में विराजमान काशी विश्वनाथ परिषद के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री डॉक्टर हरिहर कृपालु त्रिपाठी ने कहा एक महापुरुष में जितने लक्षण होने चाहिए गुरु जी में वह सारे गुण विद्यमान थे, गुरु जी में तो क्रोध देखा ही नहीं गया। विद्या एवं विनय के वे साक्षात प्रतिमूर्ति थे। जैसे उनका जीवन लोकोत्तर था उसी तरह से संस्कृत साहित्य में भी लोकोत्तर वैदुष्य भी था। आज के समय में ऐसे महापुरुष का प्राप्त होना अत्यंत दुर्लभ है। गुरु जी का कोई शत्रु नहीं था वह अजात शत्रु थे। कार्यक्रम का आरम्भ प्रोफेसर पतंजलि मिश्र के वैदिक मंगलाचरण एवं अखिलेश कुमार मिश्र के पौराणिक मंगलाचरण से हुआ। कार्यक्रम का संचालन काशी हिंदू विश्वविद्यालय में व्याकरण विभाग के आचार्य एवं काशी विद्युत परिषद के महामंत्री प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी ने किया। अभ्यागत विद्वानों का स्वागत आचार्य त्रिपाठी के जेष्ठ पुत्र प्रोफेसर रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी ने किया। उपस्थित विद्वानों का माल्यार्पण एवं उत्तरीय, नारिकेल, मिष्ठान आदि देकर अचार्य त्रिपाठी के परिवार जनों ने सम्मान किया। धन्यवाद ज्ञापन आचार्य त्रिपाठी के मध्यम पुत्र प्रोफेसर जयप्रकाश नारायण त्रिपाठी ने किया। उक्त अवसर पर प्रोफेसर हृदय रंजन शर्मा, प्रोफेसर बिन्ध्येश्वरी प्रसाद मिश्र, प्रोफेसर राजाराम शुक्ल, प्रोफेसर कमलेश झा, प्रोफेसर शीतला प्रसाद पाण्डेय, प्रोफेसर रामकिशोर त्रिपाठी, प्रोफेसर धनंजय कुमार पाण्डेय, प्रोफेसर सदानंद शुक्ल, प्रोफेसर हर प्रसाद दीक्षित, प्रोफेसर हरि प्रसाद अधिकारी, प्रोफेसर रमाकांत पाण्डेय, प्रोफेसर विनय कुमार पाण्डेय, प्रोफेसर राम मूर्ति चतुर्वेदी, प्रोफेसर धर्म दत्त चतुर्वेदी, प्रोफेसर भगवत शरण शुक्ल, डॉक्टर ब्रह्मानंद शुक्ल, पंडित कन्हैया त्रिपाठी, पंडित जगजीतन पाण्डेय आदि विद्वानों ने उपस्थित होकर अचार्य त्रिपाठी जी के व्यक्तित्व पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला।

 

UP18न्यूज लाईव से सरफराज खान की रिपोर्ट

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